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Gurugram News: अतीक के सालों के नाम है रियल एस्टेट की चार कंपनियां

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अतीक के सालों के नाम है रियल एस्टेट की चार कंपनियां
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अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता प्रवीन का गुरुग्राम कनेक्शन

- इंटेलीजेंस ब्यूरो से लेकर अन्य जांच एजेंसियों के राडार पर हैं बिल्डर

-यूपी एसटीएफ की नजर अब शाइस्ता के पार्टनर्स पर


अमर उजाला ब्यूरो


गुरुग्राम। उत्तर प्रदेश के माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता प्रवीण का रियल इस्टेट कनेक्शन खासा चर्चा में है। पुलिस हिरासत में हुई अतीक की हत्या के बाद उसकी पत्नी लेडी डॉन शाइस्ता प्रवीन की ओर से चलाए जा रहे रियल इस्टेट के कारोबार का यूपी एसटीएफ ने पता लगा लिया है। अतीक की काली कमाई से रियल इस्टेट कंपनियों में अतीक की पत्नी और सालों के नाम पर अरबों रुपए के निवेश माना जा रहा है। यूपी एसटीएफ की नजर शाइस्ता के बिजनेस पार्टनर्स पर भी है। आईबी व अन्य जांच एजेंसी की ओर से पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। माना जा रहा है कि साइबर सिटी की कुछ रियल इस्टेट कंपनियों पर कार्रवाई कर सकती है।



यूपी एसटीएफकी ओर से हुए खुलासे में अतीक के सालों के नाम पर चार कंपनी है। जिसमें शाइस्ता के भाई फारुख व जकी के नाम से रजिस्टर्ड हैं। एमजे इंफ्रा लैंड एलएलपी, एमजे इंफ्रा ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा हाउसिंग व एमजे इंफ्रा स्टेट हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी गुरुग्राम में ही चल रही है।
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पति के जेल जाने के बाद शाइस्ता के हाथ में था काला कारोबार

रियल इस्टेट के जानकारों का कहना है कि अतीक अहमद के जेल जाने के बाद से शाइस्ता ही काले कारोबार की कमान संभालती थी। गुरुग्राम में काफी ऐसे रियल एस्टेट कारोबारी हैं। जिनका पार्टनर बनकर अतीक की कंपनियों ने कई एकड़ में आवासीय भूखंड काटे हुए हैं। शुरूआत में उसने अपनी फना एसोसिएटेड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी खुद के नाम पर गुरुग्राम से संचालित की थी। इसके बाद इसी नाम से दूसरी कंपनी उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन के नाम रजिस्टर्ड है। इतना ही नहीं मेसर्स जाफरी स्टेट लिमिटेड गुरुग्राम में रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार करती है। इसकी मालकिन अतीक की पत्नी शाइस्ता है। पार्टनर कंपनियों के बिजनेस पार्टनर्स से हिसाब लेने से लेकर रियल एस्टेट कारोबार में निवेश और नए प्रोजेक्ट शुरू करने जैसे काम शाइस्ता स्वयं करती है। इन्हीं कंपनियों का यूपी एसटीएफ ने डाटा जुटाया है, जिससे इन्हें सील किया जा सके। एसटीएफ जल्द इन कंपनियों के दफ्तर पर कार्रवाई कर सकती है।
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