फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: चार राजकीय प्राथमिक स्कूल, अब एक्सीलेंस स्कूलों के नाम से होंगे दर्ज

विज्ञापन
बुढेड़ा स्कूल। फाइल फोटो
विज्ञापन
फर्रुखनगर खंड के दो, पटौदी और सोहना खंड का एक-एक स्कूल शामिल
विज्ञापन

नंबर गेम - 10 हजार विद्यार्थियों को होगा फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के चार सरकारी प्राथमिक स्कूल अब गवर्नमेंट चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश प्राइमरी स्कूल (जीसीएमईईईपीएस) के नाम से जाने जाएंगे। इनमें फर्रुखनगर खंड के दो, पटौदी और सोहना खंड का एक-एक स्कूल शामिल है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सात अक्तूबर को इस संबंध में आदेश जारी किए थे।

विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार, फर्रुखनगर खंड के करोला और बुढेड़ा गांव के सरकारी प्राथमिक स्कूलों को नए नाम दिए गए हैं। वहीं, पटौदी खंड के नौरंगपुर और सोहना खंड के लाला खेड़ली गांव के सरकारी प्राथमिक स्कूल भी अब नए नाम से पहचाने जाएंगे।
विज्ञापन


स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, मॉडल संस्कृति, सीएमईईई और पीएम श्री माध्यमिक या उच्च विद्यालयों के परिसर में अथवा उनके आसपास संचालित सरकारी प्राथमिक स्कूलों को नई श्रेणी में शामिल किया गया है। इनका नाम गवर्नमेंट चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश प्राइमरी स्कूल रखा गया है।

बदलाव के तहत करोला स्कूल को जीसीएमईईईपीएस करोला, बुढेड़ा स्कूल को जीसीएमईईईपीएस बुढेड़ा, नौरंगपुर स्कूल को जीसीएमईईईपीएस नौरंगपुर और लाला खेड़ली स्कूल को जीसीएमईईईपीएस लाला खेड़ली के नाम से दर्ज किया गया है।
बुढेड़ा स्कूल के शिक्षक धर्मपाल ने बताया कि सीएमश्री स्कूलों में जो शिक्षक पढ़ाना चाहते हैं उनका टेस्ट लिया गया है। जल्द ही रिजल्ट घोषित किया जाएगा। इससे करीब 10 हजार विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा।
बच्चों को पढ़ाई का माध्यम चुनने का अवसर मिलेगा
पहली कक्षा में सभी विद्यार्थियों की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम में होगी। दूसरी कक्षा और उससे आगे की कक्षाओं में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अलग-अलग सेक्शन होंगे। इससे अभिभावकों को अपने बच्चों के लिए पढ़ाई का माध्यम चुनने का विकल्प मिलेगा।
नियमित फंड के अलावा नहीं ली जाएगी अन्य फीस
जीसीएमईईईपी स्कूलों में तय नियमित फंड के अलावा कोई दूसरी फीस नहीं ली जाएगी। वहीं, जीएमएसपी स्कूलों में सत्र 2027-28 से विद्यालय विकास निधि ली जाएगी। यह व्यवस्था राज्य के सरकारी मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूलों की तरह होगी।
विज्ञापन

-
इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बेहतर बनाना और बच्चों को अच्छी सुविधाएं देना है। पहली कक्षा से अंग्रेजी में पढ़ाई होगी। इसके बाद हिंदी और अंग्रेजी के अलग-अलग सेक्शन होंगे, जिससे कि विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। - इंदू बोकन, जिला शिक्षा अधिकारी गुरुग्राम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें