अस्थायी अस्पताल का निरीक्षण करते मनोहरलाल
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मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने रविवार को सेक्टर-38 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में बने अस्थायी अस्पताल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन दिन से कोरोना के नए मरीजों की संख्या में कमी आने लगी है, ये अच्छे संकेत हैं। कोरोना के प्रकोप के बीच ब्लैक फंगस के मामले पर सीएम ने कहा कि अभी तक प्रदेश भर में अलग-अलग जिलों में अब तक करीब 70 मामले आ चुके हैं।
इसके लिए सरकार पूरी तत्परता से काम कर रही है और ब्लैक फंगस इन्फेक्शन (म्यूकरमाइकोसिस) के मरीजों के इलाज के लिए प्रदेश भर में 4 सेंटर खोले जाएंगे। इनमें गुरुग्राम का एसजीटी मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा का अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, रोहतक का पीजीआई व करनाल का कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज शामिल होगा। यहां पर अच्छे चिकित्सक मौजूद होंगे, जिनमें फिजीशियन व सर्जरी करने वाले अच्छे डॉक्टर शामिल होंगे।सीएम ने कहा इनकी दवाइयां काफी महंगी हैं। पहले से तो पता था नहीं ऐसे में केंद्र सरकार से भी इस बारे में बातचीत हुई है। ब्लैक फंगल इन्फेक्शन से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए राज्य में एक बोर्ड बनाया जाएगा और उसी के आधार पर मरीजों को ये दवाएं दी जाएंगी।
संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रदेश भर में बनेंगी 8 हजार टीमें
इस अवसर पर सीएम ने कहा कि कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए 1 हजार गांवों में आइसोलेशन सेंटर बनाए जा चुके हैं। साथ ही प्रदेश भर में 8 हजार टीमें बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है। सीएम मनोहरलाल ने कहा कि यदि संक्रमण का प्रकोप कम नहीं होगा तो हर गांव में टीमें काम करेंगी और आने वाले 10 दिन में इसका सार्थक असर देखने को मिलेगा। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर प्रकोप होने के विषय पर सीएम ने कहा कि एक्सपर्ट्स बच्चों में टीकाकरण का ट्रायल शुरू कर चुके हैं।
ट्रायल पूरा होते ही बच्चों में शुरू होगा टीकाकरण
सफल ट्रायल पूरा होते ही बच्चों में भी टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बड़े व छोटे बच्चों में अलग-अलग टीके होंगे तो सभी को टीका लगाया जाएगा। वैक्सीन की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर पर सीएम ने कहा कि इस पर हम जा रहे हैं। अभी किसी भी राज्य का टेंडर मेच्योर नहीं हुआ है। किसी भी राज्य का टेंडर मेच्योर हो जाएगा तो उसी आधार पर हम वैक्सीन की उपलब्धता का आकलन कर सकेंगे।