कॉल सेंटर के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट और निवेश कराकर ठगी की वारदातों को देते थे अंजाम
- 04 पासपोर्ट और चार मोबाइल बरामद, लुधियाना के रहने वाले हैं चारों आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना पश्चिम की पुलिस ने कंबोडिया और लाओस में संचालित कॉल सेंटर से साइबर ठगी के मामले में तीन महिलाओं सहित चार आरोपियों को लुधियाना से 30 अगस्त को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चारों आरोपियों को 31 अगस्त को अदालत में पेश करके चार दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस ने आरोपियों से चार पासपोर्ट व चार मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने लुधियाना (पंजाब) के न्यू विजय नगर निवासी शिवा उर्फ हर्ष को आठ दिन के रिमांड पर लिया है।
आरोपियों की पहचान लुधियाना (पंजाब) की न्यू जुनेजा कॉलोनी, टीबा रोड निवासी रितिका उर्फ रीती (33 वर्ष) व हेमंत (30 वर्ष), लुधियाना की वर्मा कॉलोनी निवासी प्राची उर्फ परी (21 वर्ष) और लुधियाना के विजय नगर निवासी सेजल (21 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि रितिका व हेमंत दोनों भाई-बहन हैं और इन्होंने स्नातक तक पढ़ाई की है। रितिका व हेमंत की बहन मीनाक्षी वर्ष 2023 में अपने एक पाकिस्तानी दोस्त के साथ कम्बोडिया गई थी। मीनाक्षी अपने पाकिस्तानी दोस्त के साथ मिलकर कॉल सेंटर के माध्यम से फर्जी सीबीआई, टीआरएआई व ईडी आदि विभाग के कर्मचारी बनकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके साइबर ठगी का काम करने लगी थी।
बहन व भाई को बुलाया था कम्बोडिया
मीनाक्षी ने जुलाई 2024 में पहले अपने भाई हेमंत और इसके कुछ दिन बाद बहन रितिका उर्फ रीती को भी कम्बोडिया बुला लिया और ये सभी लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके साइबर ठगी करने लगे। पुलिस ने मामले में आरोपी शिवा व उसके भाई मानव को भी गिरफ्तार किया था। 12वीं कक्षा पास आरोपी महिला प्राची वर्मा उर्फ परी आरोपी महिला रितिका की दोस्त है और प्राची का दोस्त आरोपी शिवा है। रितिका उर्फ रीती से बात होने के बाद आरोपी महिला प्राची, आरोपी शिवा व शिवा की भाभी सेजल (सातवीं कक्षा तक पढ़ाई) भी अगस्त 2024 में कम्बोडिया चले गए थे। इन सभी आरोपी साथ मिलकर चीन व पाकिस्तान मूल के लोग द्वारा संचालित कॉल सेंटरों के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट करके साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने लगे।
दबिश हुई तो लौटे भारत
जनवरी 2025 में कम्बोडिया पुलिस ने कॉल सेंटरों पर दबिश देकर कार्रवाई शुरू की तो ये सभी आरोपी भारत लौट आए। मार्च 2025 में आरोपी शिवा के पाकिस्तान मूल के साथी (कम्बोडिया में दोस्ती हुई थी) ने उसको बताया कि उसका एक साथी लाओस में रहकर कॉल सेंटर के माध्यम से साइबर ठगी करता है। इसके बाद आरोपी शिवा, प्राची व सेजल (शिवा की भाभी) लाओस चले गए। जहां इनको चार्ली व नोमान नाम के दो युवक मिले, जोकि साइबर ठगी करने के लिए कॉल सेंटर चला रहे थे।
चीन और पाकिस्तान के साथ मिलकर की ठगी
आरोपी शिवा, प्राची व सेजल ने चीन और पाकिस्तान मूल के कॉल सेंटर संचालकों के साथ मिलकर डिजिटल अरेस्ट व निवेश करके मुनाफा दिलाने के नाम पर भारत के लोगों के साथ ठगी करने का काम शुरू कर दिया। जब ये आरोपी 14 अगस्त को वापस भारत लौटे तो गुरुग्राम पुलिस की साइबर टीम द्वारा एकत्रित की गई। सूचनाओं और तकनीकी सहायता से लुधियाना से इन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
वर्जन
कंबोडिया और लाओस में संचालित कॉल सेंटर के माध्यम से साइबर ठगी में 13 आरोपी अभी तक गिरफ्तार हो चुके हैं। गुरुग्राम पुलिस ने विदेशों से होने वाली ठगी की चेन तोड़ने का काम किया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से साइबर ठगी मामले संलिप्त उनके अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
- प्रियांशु दीवान, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध), गुरुग्राम।