गुरुग्राम। गांव गैरतपुर बांस में अवैध रूप से किए जा रहे खनन का मामला सामने आया है। वन विभाग के अधिकारी मंगलवार देर शाम जब अरावली में थे तो उन्हें पहाड़ में विस्फोट होने की आवाज सुनाई दी। बुधवार सुबह टीम बनाकर जब अरावली में जांच की तो पहाड़ टूटा मिला। इस पर वन विभाग ने अरावली के अंदर जाने वाले रास्ते की खुदाई करवाकर रास्ता बंद कर दिया। वहीं, विभाग ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
मंगलवार देर शाम वन विभाग की टीम गांव सकतपुर में निरीक्षण करने गई थी। देर शाम जब टीम निरीक्षण कर रही थी तो उन्हें पहाड़ में विस्फोट होने की आवाज सुनाई दी। इस पर टीम सक्रिय हो गई और टीम ने विस्फोट के स्थान को ढूंढना शुरू कर दिया। लंबे समय तक जांच के बाद भी जब रात को कुछ नहीं मिला तो टीम वापस लौट आई। बुधवार सुबह एक बार फिर वन विभाग की टीम अरावली में पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। इस दौरान गांव गैरतपुर बांस में टीम को पहाड़ टूटा हुआ मिला। यहां पहाड़ काटने के निशान भी पाए गए, लेकिन मौके से कोई ऐसा वाहन अथवा व्यक्ति नहीं मिला जिससे यहां खनन करने वालों का पता लगाया जा सके। इस पर टीम ने पुलिस को मौके पर बुलवा लिया और अरावली में काफी तलाशी अभियान चलाया, लेकिन टीम और पुलिस के त्थे कुछ नहीं लगा। इस पर वन विभाग की टीम ने गैरतपुर बांस के अरावली के अंदर जाने वाले रास्ते की खुदाई करवा दी ताकि किसी भी वाहन का अरावली में प्रवेश बंद हो जाए। इसके साथ ही वन विभाग ने रेंज अधिकारियों को भी सक्रिय कर दिया।
मंडल वन अधिकारी सुभाष यादव ने बताया कि रेंज की सभी टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। अरावली में आने वाले सभी वाहनों पर नजर रखी जा रहा है। यदि कोई खनन करता मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इसकी भी जांच की जा रही है कि रेंज अधिकारी के अपने क्षेत्र में होने के बावजूद भी पहाड़ पर विस्फोट कैसे किया गया। मौके पर मिले निशानों को देखकर लग रहा है कि यहां चोरी छिपे खनन किया जा रहा है। इसकी भी जांच शुरू कर दी गई है।