पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक चल रहा है निर्माण कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
गुुुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो निर्माण में विदेशी विशेषज्ञों (एक्सपैट) की मदद ले रहा है। जीएमआरएल की टीम ने विशेषज्ञों को रूट का निरीक्षण कराया। इस दौरान टीम को रूट में आने वाले प्रमुख स्थानों के बारे में जानकारी दी गई। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक निर्माण चल रहा है।
विशेषज्ञों की टीम मेट्रो के ग्रीन, एफओबी, छत का डिजाइन समेत अन्य मुद्दे पर अपनी राय देगी। जीएमआरएल ने डिटेल डिजाइन कंसलटेंट के लिए (डीडीसी) फ्रांस की कंपनी सिस्ट्रा को रखा है। सिस्ट्रा ने पहले चरण के 14 मेट्रो स्टेशनों का स्ट्रक्चरल डिजाइन तैयार किया है। इसी अनुसार सिविल वर्क का काम एक एजेंसी को दिया गया और काम शुरू हो चुका है। जीएमआएल गुरुग्राम मेट्रो को खास तरीके से तैयार करना चाहता है। इसके लिए सिस्ट्रा एजेंसी ने तीन टीमों को बुलाया है। यह टीमें जीएमआरएल के साथ ग्रीन मेट्रो निर्माण, एफओबी निर्माण, स्टेशनों की डिजाइन समेत अन्य पर अपने सुझाव देंगी।
जीएमआरएल मेट्रो स्टेशनों के अंदर और बाहरी लुक (डिजाइन) को अलग प्रकार से तैयार करना चाहता है। ऐसे में विदेशी विशेषज्ञों को मेट्रो रूट पर भ्रमण कराया गया है। उन्हें दो दिन तक रूट के बारे में पूरी जानकारी दी गई। एक्सपैट में आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चर विशेषज्ञ समेत अन्य शामिल हैं। जीएमआरआर का मानना है कि गुरुग्राम की पहचान मिलेनियम सिटी के रूप में भी है। एक्सपैट विदेशों में मेट्रो परियोजनाओं समेत अन्य में काम करने विशेषज्ञ शामिल होते हैं।
पाइल टेस्टिंग पास, पिलर के निर्माण पर काम शुरू
जीएमआरएल ने पहले सेक्टर 44 के पास पाइप टेस्टिंग कराई थी। टेस्ट की रिपोर्ट पास होने पर अब मेट्रो के लिए पिलर निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। अभी एक मशीन को सेक्टर 44 के पास काम पर लगाया गया है। योजना के अनुसार पांच मशीनों को इस काम में लगाया जाएगा जिससे पिलर निर्माण का कार्य जल्द पूरा किया जा सके। दूसरी ओर सेक्टर 33 में कंपनी से काॅस्टिंग यार्ड में मेट्रो से जुड़े कार्यों को सिरे चढ़ाने के लिए जरूरी इंतजाम करना शुरू कर दिया है। बता दें कि पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर नौ तक 14 मेट्रो स्टेशनों का सिविल वर्क होना है। इसके साथ ही बसई से सेक्टर 101 और डिपो का भी निर्माण होना है। निर्माण कंपनी कॉरिडोर के लिए पिलर निर्माण के साथ स्टेशनों के लिए तय कर पाइल टेस्टिंग कर रही है।