- आरोपी भिवानी का रहने वाला, 2024 में भारतीय सेना से हुआ था सेवानिवृत्त
- वारदात में इस्तेमाल लाइसेंसी हथियार बरामद करने में जुटी पुलिस
- अन्य साथियों और उनकी भूमिका का भी पता लगा रही अपराध शाखा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। रुपयों के लेनदेन के विवाद में पीजी संचालक हेमंत कौशिक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सेक्टर-14 थाना पुलिस और अपराध शाखा मानेसर की संयुक्त टीम ने वारदात के कुछ ही घंटों बाद बुधवार सुबह आरोपी को दिल्ली से दबोच लिया। आरोपी की पहचान 40 वर्षीय अमरजीत ग्रेवाल उर्फ अमरजीत फौजी निवासी बामला, भिवानी के रूप में हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगा रही है।
पुलिस के अनुसार, आठ सितंबर की रात हेमंत कौशिक को गोली मारने की सूचना मिली थी। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हेमंत के दोस्त की शिकायत पर सेक्टर-14 थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायत के मुताबिक, हेमंत और अमरजीत के बीच रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। मंगलवार शाम करीब छह बजे दोनों के बीच बहस हुई। आरोप है कि इसी दौरान अमरजीत ने पिस्टल निकालकर हेमंत को गोली मार दी और मौके से फरार हो गया।
2021 में लिए थे 6.5 लाख रुपये-
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अमरजीत वर्ष 2024 में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुआ था। उसकी और हेमंत की पहचान एक साझा दोस्त के माध्यम से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2021 में हेमंत ने अमरजीत से करीब 6.5 लाख रुपये उधार लिए थे। इसी रकम के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। मंगलवार को विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अपने लाइसेंसी हथियार से हेमंत पर गोली चला दी।
हथियार बरामद करने में जुटी पुलिस-
एसीपी क्राइम नवीन कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।