प्रोजेक्ट डीपीआर के अनुसार पहले फेज में एंबियंस मॉल से डीएलएफ साइबर सिटी तक बनने वाले फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसके लिए करीब 32 पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, दूसरे फेज में मौलसरी एवेन्यू रोड से दिल्ली की ओर जाने के लिए करीब 750 मीटर लंबा अंडरपास बनाया जाएगा।
दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) के पास स्थित एंबियंस मॉल से डीएलएफ साइबर सिटी तक फ्लाईओवर और मौलसरी एवेन्यू रोड से दिल्ली की ओर अंडरपास बनने की काम जल्द शुरू होगा। फ्लाईओवर और अंडरपास के निर्माण के प्रस्ताव को हरियाणा सरकार की ओर से मंजूरी के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से भी मंजूरी मिल गई है। 800 मीटर लंबे बनने वाले फ्लाईओवर को लेकर डीएलएफ की ओर से पहले ही मिट्टी के सैंपल लेने का कार्य शुरू किया जा चुका था।
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डीएलएफ के इस प्रोजेक्ट पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। फ्लाईओवर के निर्माण से सर्विस रोड की चौड़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एनएचएआई ने डीएलएफ द्वारा तैयार किए गए डिजाइन व प्रस्ताव को मंजूरी दे थी। प्रोजेक्ट डीपीआर के अनुसार पहले फेज में एंबियंस मॉल से डीएलएफ साइबर सिटी तक बनने वाले फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसके लिए करीब 32 पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, दूसरे फेज में मौलसरी एवेन्यू रोड से दिल्ली की ओर जाने के लिए करीब 750 मीटर लंबा अंडरपास बनाया जाएगा।
इन दोनों प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद साइबर हब, डीएलएफ फेज-3, नाथूपुर, सिकंदरपुर जाने वाले और उस साइड से दिल्ली की ओर आने वाले वाहन चालकों को राहत मिलेगी। दोनों प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद एनएच-48 की सर्विस रोड पर जाम नहीं लगेगा और शंकर चौक पर यातायात दबाव कम होगा। वर्तमान में एंबियंस मॉल और शंकर चौक पर जाम लगने के कारण हजारों वाहन चालकों को परेशानी होती है।
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वर्तमान में जाम से जूझते हैं वाहन चालक
एक सर्वे अनुसार दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर रोजाना करीब 3.60 लाख वाहनों का आवागमन होता है। इसमें से करीब 1.70 लाख वाहन दिल्ली से गुरुग्राम की ओर आते हैं। इनमें से अधिकतर वाहन एंबियंस मॉल से सर्विस रोड पर उतरकर डीएलएफ क्षेत्र की ओर जाते हैं। ऐसे में सुबह व शाम को पीक ऑवर्स के दौरान एंबियंस मॉल के पास जाम लगा रहता है और वाहन रेंग-रेंगकर चलते हैं। इससे वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहते हैं और अपने कार्यालय या घर पर जाने में देरी होती है।
फ्लाईओवर और अंडरपास को लेकर मंजूरी संबंधी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। डीएलएफ द्वारा इन दोनों प्रोजेक्ट को बनाया जाना है। - प्रांजल, डिप्टी जनरल मैनेजर, एनएचएआई