आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव तैयारियों का होगा परीक्षण
डीएलएफ फेज-1 व सिग्नेचर टावर अंडरपास सहित कई स्थानों पर होगा लाइव रेस्क्यू अभ्यास
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। 14 मई को प्रदेश के 13 जिलों में सुबह 9 बजे व्यापक स्तर पर बाढ़ बचाव मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। हरियाणा सरकार ने संभावित बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित एवं प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मॉक एक्सरसाइज करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में गुरुग्राम जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर आपदा प्रबंधन से जुड़ा विशेष अभ्यास किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में विभागों की तैयारी और समन्वय क्षमता को परखा जा सके।
इस संबंध में हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग डॉ. सुमिता मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित विभागों और जिलों के अधिकारियों के साथ टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला स्तर पर एडीसी सोनू भट्ट ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मॉक एक्सरसाइज को पूरी जिम्मेदारी और बेहतर समन्वय के साथ संपन्न कराया जाए, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति में संचालन के लिए जिला आपदा ऑपरेशन सेंटर लघु सचिवालय, गुरुग्राम में स्थापित किया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राथमिक उपचार, राहत सामग्री वितरण, आपातकालीन संचार व्यवस्था, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने जैसे विभिन्न पहलुओं का अभ्यास किया जाएगा। साथ ही आमजन को जागरूक करने तथा अफवाहों से बचाव के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।
युवा आपदा मित्र वॉलंटियर्स को दी गई इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट
जिला में आपदा प्रबंधन तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से 300 युवा आपदा मित्र वॉलंटियर्स को इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट दी गई। एडीसी सोनू भट्ट ने बताया कि गुरुग्राम में कुल 750 युवा वॉलंटियर्स को आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इनमें से 300 वॉलंटियर्स का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवा आपदा मित्र भविष्य में किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति के दौरान प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन वॉलंटियर्स को प्राथमिक सहायता, रेस्क्यू और आपातकालीन प्रतिक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि जरूरत के समय आमजन को तुरंत सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।