- दूषित पानी की आपूर्ति के चलते तीन टावरों में डायरिया के मामले आ रहे थे सामने
- सिविल सर्जन ने जीएमडीए से पर्याप्त इंतजाम करने के लिए पत्र लिखा
अमर उजाला ब्यूरो
गुुरुग्राम। सेक्टर-85 स्थित ओरिस कारनेशन सोसाइटी में दूषित पानी की आपूर्ति के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने यहां से पानी के पांच नमूने लिए थे। जांच के बाद यह नमूने अनफिट करार दिए गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में इन नमूनों की जांच की गई थी। इसके बाद सिविल सर्जन वीरेंद्र यादव ने गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) को पत्र लिखा कर कहा है कि वहां पर साफ पानी आपूर्ति के पर्याप्त इंतजाम किए जाए। डायरिया और पानी जनित संक्रामक रोगों के मौसम में दूषित पानी की आपूर्ति खतरनाक साबित हो सकती है।
सोसाइटी के तीन टावरों में डायरिया के मामले सामने आए थे। यहां की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की ओर से स्वास्थ्य विभाग को ई मेल भेजकर पानी के नमूनों की जांच करने का आग्रह किया गया था। पांच सैंपल लिए गए जिन्हें नागरिक अस्पताल में बैक्टेरियोलॉजिकल लैब टेस्ट के लिए भेजा गया। जांच के बाद सामने आया है कि यह मनुष्यों के पीने के लिए पूरी तरह अनफिट हैं।
सिविल सर्जन ने कहा है कि पानी जनित बीमारियों के लिए पानी बेहद सामान्य स्रोत है। इसलिए संबंधित स्टाफ से जरूरी कदम उठाने के लिए कहा जाए। साथ ही पानी आपूर्ति की नियमित जांच हो और जहां-जहां लीकेज है वहां मरम्मत का भी काम हो। सोसाइटी में 450 से अधिक परिवार रह रहे हैं। निवासी आशीष गुप्ता कहते हैं कि यहां के निवासियों को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ रही थीं।