फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच लाख श्रमिकों को ईएसआई अस्पताल का इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम। पिछले साल अप्रैल से प्रदेश सरकार ने गुरुग्राम के ईएसआई अस्पताल को कोविड अस्पताल घोषित कर रखा है। जबकि गुरुग्राम सहित सभी जिलों में कोविड संक्रमण कम हो चुका है। हरियाणा के कई जिलों के कोविड घोषित अस्पतालों में ओपीडी भी शुरू हो चुकी है। सामान्य मरीजों का इलाज भी होने लगा है लेकिन यहां के इस अस्पताल के लिए प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि इस साल जनवरी और फरवरी में मात्र एक-एक कोरोना संक्रमित मरीज ही उपचार के लिए भर्ती हुए हैं। सेक्टर नौ स्थित ईएसआई अस्पताल से करीब पांच लाख श्रमिक जुड़े हुए हैं। इनके परिवार में चार-चार सदस्य भी माने जाएं तो यहां इलाज कराने वालों की संख्या 20 लाख के आसपास बताई जा रही है।
विज्ञापन

कोविड से पहले यहां प्रतिदिन दो से ढाई हजार मरीज उपचार के लिए आते थे। कोविड घोषित होने के बाद से यहां के मरीजों को उपचार के लिए मानेसर स्थित ईएसआई अस्पताल जाने के लिए कहा जा रहा है। जबकि वहां के अस्पताल में भी उपचार कराने वाले श्रमिकों की संख्या गुरुग्राम के बराबर है। एक अस्पताल में दो अस्पताल के मरीज होने के कारण कई बार तो लंबी लाइन लग जाती है। इसकी वजह से ओपीडी में उपचार नहीं मिल पाता।
गुरुग्राम के ईएसआई अस्पताल की अधीक्षक डॉ. शुभ्रा गुप्ता का कहना है कि कोविड अस्पताल सरकार ने घोषित किया है। यहां से प्रतिदिन उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। यहां पर कब से ओपीडी सेवाएं शुरू हो सकेंगी इस बारे में उच्च अधिकारियों के स्तर से ही निर्णय हो सकेगा। सरकार के स्तर से आदेश होने के बाद ही यहां पर मरीजों के लिए ओपीडी सेवाएं बहाल की जा सकेंगी।
विज्ञापन

यहां इलाज के लिए आने वाले राजेंद्र सिंह, देवेंद्र कुमार तथा संजय कुमार का कहना है कि वह इलाज के लिए ईएसआई अस्पताल पहुंचे थे। कोविड के कारण उन्हें मानेसर भेज दिया। लेकिन मानेसर में भी ओपीडी में लंबी लाइन के कारण नंबर नहीं आया। मरीजों के साथ ऐसा कई बार हुआ है। इन सभी का कहना है कि अब कोरोना संक्रमण कम हो गया है। महीने में कोराना के मरीज भी एक दो ही भर्ती हो रहे हैं। इन परिस्थितियों में इतने बड़े अस्पताल को अब कोविड बनाए रखने का औचित्य नहीं होना चाहिए। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द इस अस्पताल को सामान्य घोषित कर दिया जाए। वहीं दूसरी ओर कोविड के कम मरीज होने पर उनके लिए दूसरी जगह पर व्यवस्था हो सकती है।
यह सही है कि कोविड संक्रमण कम हो गया है। नई गाइडलाइन क्या हैं, उसके आधार पर श्रमिकों की समस्या को देखते हुए ईएसआई अस्पताल को कोविड अस्पताल से मुक्त कराने के बारे में उच्च स्तर पर वार्ता की जाएगी।
विज्ञापन

- यश गर्ग, जिला उपायुक्त
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें