कॉफी हाउस में 50 हजार रुपये और लेने पहुंची महिला को पुलिस ने पकड़ा
नंबर गेम-95 लाख महिला के बैंक खाते में कराए फ्रीज
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पहले ऑनलाइन एप के जरिये दोस्ती हुई, फिर मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ। आरोप है कि इसी रिश्ते को हथियार बनाकर महिला ने युवक को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर करीब 90 लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद भी 50 हजार रुपये की मांग की। रकम लेने के लिए सेक्टर-47 के कॉफी हाउस पहुंची महिला को सदर थाना पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ लिया। पुलिस ने उसके खाते में मौजूद करीब 95 लाख रुपये भी फ्रीज कराए हैं। आरोपी की पहचान सूर्यदीता दास (24) के रूप में हुई है। वह पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और वर्तमान में सुशांत लोक में रह रही थी। उसकी शिक्षा एमबीए बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता करीब तीन साल पहले ऑनलाइन डेटिंग एप के माध्यम से आरोपी महिला के संपर्क में आया था। दोनों के बीच ऑनलाइन चैट के बाद मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ और मुलाकातें होने लगीं। आरोप है कि बाद में महिला ने शिकायतकर्ता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और लगातार पैसों की मांग करने लगी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि महिला उसे झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देती थी। शिकायत के मुताबिक, आरोपी अब तक बैंक लेन-देन और नकद के माध्यम से करीब 90 लाख रुपये ले चुकी थी। इसके बावजूद वह लगातार और रकम की मांग कर रही थी।
नोटों पर मिले पुलिस टीम के हस्ताक्षर
चार अक्तूबर को शिकायत मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शिकायतकर्ता को आरोपी द्वारा मांगी गई रकम देने के लिए कहा और पूरी कार्रवाई पर निगरानी रखने की योजना बनाई। आरोपी ने शिकायतकर्ता को सोहना रोड स्थित सेक्टर-47 के कॉफी हाउस में बुलाया था। जैसे ही महिला ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये नकद लिए, पुलिस ने उसे मौके पर काबू कर लिया। तलाशी के दौरान रकम बरामद हुई। नोटों में कुछ पर पुलिस टीम के पहले से किए गए हस्ताक्षर और शुरुआती अक्षर भी मिले।
आरोपी युवती के खिलाफ सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस ने उसके बैंक खाते में मौजूद करीब 95 लाख रुपये नियमानुसार फ्रीज कराए हैं। मामले में पुलिस लेन-देन और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। - नवीन कुमार, एसीपी क्राइम