अब इन लोगों के सामने पेट भरने के लिए खाना और पहनने के लिए कपड़े नहीं होने की समस्या आ गई है। कई परिवारों की जमापूंजी भी झग्गी व सामान के साथ जलकर राख हो गई क्योंकि जान बचाने के लिए वे झुग्गी से जमापूंजी नहीं निकाल सके।
पीड़ित लोगों ने क्या कहा
नोयमूद्दीन ने बताया कि झुग्गियों में आगजनी होने के बाद काफी परिवारों के पास न तो खाने के लिए सामान बचा है और न ही जमापूंजी है। प्रशासन की ओर से भी पीड़ितों के लिए कोई मदद नहीं की गई है। ऐसे में अन्य लोगों से उधार लेकर ही खाने की व्यवस्था करनी पड़ेगी।
कासिम अली ने बताया कि उनके साथ ही अन्य लोगों की झुग्गियों में सारा सामान जल गया। लोगों के पास अब पेट भरने के लिए खाना और पहनने के लिए कपड़े भी नहीं बचे। सुबह से कुछ खाना भी नहीं खाया है। प्रशासन को पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।
भीमनगर फायर स्टेशन के अधिकारी नरेंद्र ने बताया कि बुधवार की सुबह 3.50 बजे झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिली थी। तुरंत तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। ज्यादा आग होने के कारण सेक्टर-37, सेक्टर-29, मानेसर व पटौदी फायर स्टेशन से सात दमकल गाड़ियां मंगवाई गईं। झुग्गियों में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।