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Gurugram News: सीवर का पानी बरसाती नाले में डालने पर दर्ज होगी एफआईआर

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नगर निगम और जीएमडीए के अधिकारियों समन्वय बैठक तय होगी जिम्मेवार
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- लेग-1, लेग-2 और लेग-3 ड्रेनों की जल गुणवत्ता सुधार के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। यमुना के बढ़ते प्रदूषण और सीवर के पानी से बढ़ रही गंदगी से निजात दिलाने के लिए अब अलग-अलग जोन के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी। यमुना की गंदगी को रोकने के लिए नालों में सीवर का पानी डालने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। नगर निगम आयुक्त ने जीएमडीए के साथ होने वाली समन्वय बैठक के पहले अधिकारियों की ली बैठक में यह आदेश दिया है।
एनजीटी के आदेश के बाद जीएमडीए और निगम अधिकारियों की समन्वय बैठक बृहस्पतिवार को होगी। इसमें एक-दूसरे पर टालने का विवाद खत्म कर अलग-अलग क्षेत्र की जिम्मेवारी तय की जाएगी। इसके साथ ही सीवर कचरे की अवैध डंपिंग करने वाले टैंकर संचालकों पर चालान और एफआईआर दर्ज की जाएगी। अलग-अलग जोन का अधिकारी निगरानी कमेटी का प्रभारी होगा। उसी के आदेश पर स्थानीय थाने में मामला दर्ज कराने की जिम्मेदारी होगी।
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ड्रेनों के टैपिंग, एसटीपी और सीईटीपी की स्थापना, कचरा प्रबंधन और निगरानी तंत्र को मजबूत करने से यमुना के जल की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार आएगा। सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी। ताकि यमुना संरक्षण अभियान को ठोस और स्थायी परिणाम मिल सकें।



वेस्ट मैनेजमेंट की नोडल अधिकारी नियमित करेंगे समीक्षा


राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर जारी निर्देशों की प्रगति के बारे में भी नोडल अधिकारी रवींद्र यादव ने जानकारी ली है। अब इस पर रोज समीक्षा की जाएगी। एनजीटी के निर्देशों के तहत बंधवाड़ी कचरा निस्तारण स्थल पर लीगेसी कचरे व प्रतिदिन उत्पन्न हो रहे ठोस कचरे के प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने बैठक के दौरान लीचेट ट्रीटमेंट के लिए डीटीआरओ की स्थापना को प्राथमिकता देते हुए इसके शीघ्र क्रियान्वयन पर बल दिया। साथ ही लीगेसी कचरे के निस्तारण से संबंधित कार्य आवंटन प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने व एजेंसी चयन को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
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सीवर के गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए एसटीपी की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। सीवर का पानी किसी भी तरह की ड्रेन में डालने वालों के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया जाएगा। सीवर के पानी को अलग-अलग नाले में डालने से रोकने की योजना व जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। - प्रदीप दहिया, आयुक्त, नगर निगम गुरुग्राम।
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