गुरुग्राम। कृषि कानूनों और एमएसपी की गारंटी को लेकर चल रहे आंदोलन के तहत संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) बचाओ दिवस मनाया गया। इसके तहत उद्योग विहार सेक्टर-18 में एफसीआई के दफ्तर पर संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन एवं घेराव किया गया। जिसमें किसानों के अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए। धरना के दौरान उपभोक्ता मामलों के मंत्री (भारत सरकार) के नाम गुरुग्राम के तहसीलदार दर्शन सिंह कंबोज को ज्ञापन सौंपा। धरने को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा।
एफसीआई कार्यालय पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारी हाथों में कृषि कानून विरोधी नारे लिखी हुई तख्तियां, किसान संगठनों के झंडे व तिरंगे झंडे लिए हुए थे। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने कृषि कानून एवं सरकार विरोधी नारे लगाए। किसान मोर्चा अध्यक्ष संतोख सिंह ने कहा कि तीनों कानूनों से अन्न पैदा करने वालों और अन्न खाने वालों दोनों का शोषण होगा। यह कानून किसानों के हक में नहीं हैं। लेकिन सरकार कृषि कानूनों को रद्द नहीं करके किसानों के प्रति अपनी मंशा जाहिर कर रही है।
डॉ. धर्मवीर राठी ने कहा कि सरकार एफसीआई को बंद करना चाहती है, जिससे उसकी फसल खरीद क्षमता कम हो जाएगी और किसानों को उनकी फसल का एमएसपी नहीं मिल पाएगा। ऐसे में एफसीआई बंद हुई तो गरीब आदमी की आटा दाल स्कीम बंद हो जाएगी। धर्मबीर परवाल ने कहा कि सरकार एफसीआई को कमजोर करके राशन वितरण प्रणाली को नष्ट करना चाहती है, जिससे आम आदमी प्रभावित होगा। सरकार किसान मजदूर विरोधी है। सरकार एफसीआई को कमजोर करके सीधा गरीब आदमी पर हमला किया है। सरकार द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से एमएसपी व्यवस्था खत्म करने के प्रयास किये जा रहे है। पिछले कई सालों से एफसीआई के बजट में कटौती की जा रही है। इस मौके पर जयप्रकाश रेहडू, ऊषा सरोहा, एम शेहरावत, अनिल पंवार, नवनीत, विंग कमांडर एमएस मलिक, मनीष, हरिसिंह चौहान, तनवीर अहमद आदि मौजूद रहे।