एसडीएम ने किसानों को ईद के बाद मुख्यमंत्री से मीटिंग कराने का दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री से मीटिंग नहीं हुई तो सात अप्रैल को फिर करेंगे पंचायत
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। आईएमटी रोजका मेव में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे किसानों ने सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले एक महापंचायत आयोजित की। इसमें किसान नेता रवि आजाद मुख्य रूप से उपस्थित हुए। वहीं, प्रशासन की तरफ से नूंह के एसडीएम अश्विनी कुमार किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया है कि ईद के बाद उनकी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक करवाई जाएगी। इसमें वे मुख्यमंत्री के सामने अपनी बातें रख सकते हैं। किसानों ने कहा कि यदि ईद के बाद मुख्यमंत्री ने समय नहीं दिया तो सात अप्रैल को फिर से बड़ी पंचायत कर फैसला लिया जाएगा और निर्माण कार्य नहीं चलने दिया जाएगा। एसडीएम के आश्वासन के बाद किसानों ने ईद तक निर्माण कार्य चलने देने का निर्णय लिया।
आईएमटी रोजका मेव के लिए अधिग्रहित की गई नौ गांवों की 1600 एकड़ भूमि की मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग को लेकर किसान लगातार आंदोलनरत हैं। अगस्त 2024 से किसानों ने आईएमटी में चल रहे निर्माण कार्य को बंद करवाया हुआ है। 10 व 11 मार्च को प्रशासन ने निर्माण कार्य फिर से शुरू करने का प्रयास किया था, लेकिन किसानों के विरोध के चलते वह शुरू नहीं हो सका। 11 मार्च को 107 किसानों ने गिरफ्तारी देकर अपना विरोध जताया था। इसके बाद होली पर्व के चलते किसानों ने अपने काम रोको आंदोलन को स्थगित कर 17 मार्च को पंचायत बुलाई थी।
नहीं हुई मिटिंग तो पूरे हरियाणा में होगा आंदोलन
किसान नेता रवि आजाद, हाफिज सिराजुद्दीन, मोहम्मद एसपी आदि ने बताया कि यदि प्रशासन ने ईद के बाद मुख्यमंत्री के साथ उनकी बैठक नहीं करवाई तो 7 अप्रैल को एक बड़ी पंचायत होगी और पूरे हरियाणा में काम रोको आंदोलन आयोजित किया जाएगा। साथ ही किसानों ने कहा है कि जब तक मुख्यमंत्री के साथ उनकी बैठक नहीं हो जाती है, तब तक 11 मार्च को दर्ज किए गए मुकदमे में किसी भी किसान को पुलिस द्वारा न तो परेशान किया जाए और न ही उनकी गिरफ्तारी हो।
किसानों ने पंचायत के दौरान कहा कि सरकार भले ही उनके ऊपर कितनी ही ज्यादती क्यों न करें, वे अपनी मांगों को पूरी होने तक आईएमटी में निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। जिस पर किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी सरकार है और पूरे प्रदेश का किसान मेवात के नौ गांवों के किसानों के साथ खड़ा है। महापंचायत में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया।