गुरुग्राम। केंद्र सरकार के तीन कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने को जिले के किसानों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में राजीव चौक के नजदीक लगातार 43वें दिन किसानों का धरना जारी रहा। वहीं, जिले के मानेसर, पटौदी, फर्रुखनगर के किसान भी धरने में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। खास बात यह है कि किसान आंदोलन को अब व्यापक तौर पर युवाओं का भी साथ मिलने लगा है। दूर-दूर से युवा धरने में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं।
सोमवार को भी किसानों के धरने में बड़ी संख्या में जिले के विभिन्न इलाकों के युवा मौजूद रहे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहे धरने में शामिल किसानों ने सोमवार को आरपार की लड़ाई लड़ने की बात कही। धरने में शामिल आरएस राठी, गजे सिंह समेत अन्य किसानों ने कहा कि सरकार किसानों के धरनास्थल पर बिजली-पानी की आपूर्ति ठप कर आंदोलन को दबाना चाहती है लेकिन देश का किसान झुकने वाला नहीं है। किसान अपने हक के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।
सरकार चाहे कितना भी तानाशाही रवैया अपना ले, किसान झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के साथ बातचीत करके उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। किसान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने, एमएसपी की गारंटी दिए जाने की मांग कर रहे हैं, जिस पर सरकार को विचार करना चाहिए। किसानों की मांग है कि राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन किया जाए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान नेता मौजूद रहे।