ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
सागर की हत्या के बाद परिवार व ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। उन्होंने पटौदी-कुलाना मार्ग पर खंडेवला मोड़ के पास जाम लगा दिया। यह विरोध प्रदर्शन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर किया गया। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हत्या पुरानी रंजिश का परिणाम बताई जा रही है। आरोप है कि मछेंद्र पहलवान पक्ष के कई युवकों ने इस वारदात को अंजाम दिया। मृतक सागर बेंगलुरु में रहता था।
सागर के परिवार का मछेंद्र पहलवान के परिवार के साथ पहले झगड़ा हुआ था। इसी झगड़े की सूचना पर सागर बेंगलुरु से वापस आया था। हमलावरों ने सागर और उसके परिवार पर अचानक हमला कर दिया। उन्होंने तेजधार फरसे और गोली का इस्तेमाल किया, जिससे सागर की मौके पर ही मौत हो गई।
दो परिवरों के बीच पुरानी रंजीश
कारोला गांव में दो परिवारों के बीच पहले से ही तनाव था। सागर के परिवार और मछेंद्र पहलवान के परिवार के बीच 4 अगस्त 2026 को एक बड़ा झगड़ा हुआ था। इस विवाद के बाद सागर को बेंगलुरु से वापस लौटना पड़ा। वह झगड़े की खबर सुनकर 6 अगस्त 2026 को ही गांव पहुंचा था। सागर को शायद अपनी जान के खतरे का अंदाजा नहीं था।