बारहवीं पास डॉक्टर बनकर कर लोगों के स्वास्थ्य से कर रही थी खिलवाड़
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आईएमटी मानेसर एरिया में एमटीपी किट (गर्भपात की दवा) देने के आरोपी फर्जी महिला चिकित्सक को गिरफ्तार किया है। महिला बारहवीं पास है और नाहरपुर गांव में गोगा जी क्लीनिक चला रही थी। वह एक हजार रुपये में महिलाओं को एमपीटी देती थी। चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश कुमार की शिकायत पर पुलिस ने महिला पर केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली कि नाहरपुर गांव में गोगा जी क्लीनिक पर फर्जी चिकित्सक डाॅ. शालिनी यादव लोगोंं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही है। सूचना के आधार पर सिविल सर्जन डाॅ. वीरेंद्र यादव ने चिकित्सा अधिकारी डाॅ. हरीश कुमार और चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष चौहान की अगुवाई में टीम गठित की और एक गर्भवती महिला को शामिल कर गर्भपात की दवा बेचने वाली फर्जी डाक्टर को दबोचने के लिए जाल बिछाया। टीम ने गर्भवती महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर दवा बेचने वाली फर्जी डाक्टर के पास भेजा। उस समय शालिनी सिंह यादव अपने क्लीनिक पर अन्य मरीजों का भी इलाज कर रही थी। फर्जी डाक्टर को महिला ने बताया कि वह तीन माह की गर्भवती है। उसके दो बच्चे हैं अब वह और संतान नहीं चाहती है। जिस पर शालिनी सिंह ने महिला से कुछ सवाल पूछे और उसे एक हजार रुपये में एमटीपी किट देने की बात कही। जिस पर महिला ने टीम द्वारा दिए गए 500-500 रुपये के नोट फर्जी डाक्टर को दिए और उससे दवा ले ली। वहीं फर्जी डाक्टर ने महिला को गर्भपात के लिए गोलियां लेने की प्रक्रिया भी समझाई और लिख कर एक पर्ची भी दी। महिला का संकेत मिलते ही टीम ने फर्जी डाक्टर बनी महिला को दबोच लिया। महिला ने अपना नाम डाॅ. शालिनी सिंह यादव बताया। पूछताछ में शालिनी सिंह ने बताया कि उसने महिला को रैपर से निकालकर मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल की गोलियां दी हैं।
12 वीं पास है महिला:
शालिनी सिंह ने यह भी बताया कि वह 12वीं पास है। उसके पास डाक्टर की कोई डिग्री नहीं है। वह फर्जी तरीके से अपने नाम के आगे डाक्टर लिखकर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उसके पास मरीजों रिकार्ड का किसी प्रकार का रजिस्टर आदि भी नहीं मिला। पूछताछ में आरोपित महिला ने अभी दवा खरीदने और बेचने के बारे में कुछ भी नहीं बताया है।
सिविल सर्जन का कहना:
सिविल सर्जन डाॅ. वीरेंद्र यादव ने कहा कि टीम ने बरामद एमटीपी की गोलियों को सील कर दिया है। वहीं आरोपी महिला पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से गर्भपात करने वाले डाक्टर पर पूरी निगरानी रखी जा रही है। पिछले तीन महीने के दौरान 12 स्थानों पर छापेमारी की गई है।