पुलिस के मुताबिक, चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में अवर सचिव (अंडर सेक्रेटरी) के पद पर सूबे खां कार्यरत है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि 2016 में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया था। 27 सितंबर 2019 को भी उनके पास किस्त जमा कराने का संदेश आया, लेकिन किसी कारण वे जमा नहीं करा सकें।
बीते वर्ष 4 से 21 अक्तूबर तक छुट्टी पर गांव में थे। इस दौरान उनके मोबाइल पर बीमा की किस्त जमा कराने के लिए कुछ युवतियों ने कस्टमर केयर अधिकारी बनकर फोन किया। जिसके बाद अधिकारी ने 24 अक्तूबर को उनके बताए बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में 90 हजार रुपये जमा करा दिए।
19 नवंबर को मैक्स कंपनी की ओर से किस्त जमा कराने का दोबारा संदेश आया तो अगले दिन उन्होंने कंपनी के दफ्तर में जाकर बताया कि उन्होंने किस्त जमा करा दी है। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी में आपकी कोई किस्त नहीं जमा नहीं हुई। अवर सचिव के मुताबिक कुछ दिन बाद उनके मोबाइल पर एक युवती ने फोन करके 3 लाख का बोनस आने की बात कही।
बीमा कंपनी में काम कर चुका है सरगना
पुलिस जांच में सामने आया है कि अभिषेक गिरोह को संचालित कर रहा था। वो पहले एक नामचीन बीमा कंपनी में नौकरी कर चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का एक दोस्त एक बीमा कंपनी में काम करता है जो उन्हें बीमा धारकों का डाटा देता था। इसकी बदौलत गिरोह के सदस्य हर महीने 4 से 5 लोगों से ठगी करते थे।