गुरुग्राम। गुरुग्राम-दिल्ली सीमा को शुक्रवार सुबह पूरी तरह सील करने का असर कापसहेड़ा बॉर्डर पर देखने को मिला। गुरुग्राम पुलिस ने डूंडाहेड़ा और कापसहेड़ा गांव के बीच गलियों से जुड़ने वाले रास्तों को भी पूरी तरह सील कर दिया। बॉर्डर पर नाकाबंदी करते हुए एसीपी उद्योग विहार बिरेम सिंह के नेतृत्व में केवल उन्हीं वाहनों को प्रवेश दिया गया जिनके पास गृह मंत्रालय, गुरुग्राम-दिल्ली प्रशासन की ओर जारी किए पास थे।
सुबह 10.15 बजे दिल्ली से आने वाले मेडिकल स्टाफ, डॉक्टरों व सैन्य अधिकारियों को उनके आई-कार्ड से प्रवेश नहीं दिया गया। वहां सरकारी कर्मचारी पुलिसकर्मियों से बहस करते दिखे लेकिन उन्हें गुरुग्राम सीमा में प्रवेश नहीं दिया गया। गुरुग्राम प्रशासन की ओर से डयूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात किये गये। सुबह जायजा लेने के लिए डीसीपी सुमेर सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बिना वैध पास के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर को गांव की गलियों से पैदल यात्रियों ने पार करने की कोशिश की। पुलिस की ओर से अधिकतर गलियों को बैरिकेडिंग से बंद करने के बाद गश्त कर राइडरों ने लोगों को वापिस लौटने की चेतावनी दी। सुबह कापसहेड़ा से डूंडाहेड़ा की ओर रेहड़ी पर सब्जी लेकर आ रहे लोगों को भी पुलिस ने रोक दिया। उनके मिन्नत करने पर उनसे पास मांगा गया लेकिन जब वे कोई पास नहीं दिखा पाए तो वापिस भेज दिया। वहीं कापसहेड़ा गांव के पास दिल्ली पुलिस ने भी बिना पास धारकों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया।