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महामारी का कहर : अस्पतालों में घटी तो घरों में बढ़ी कोरोना संक्रमितों की मौत

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गुरुग्राम। ऑक्सीजन की कमी का संकट पैदा होने के बाद छोटे अस्पतालों ने मरीजों को भर्ती करने से इंकार कर दिया है। इन हालातों में लोग घरों पर ही संक्रमित परिजनों का इलाज कराने को मजबूर हुए हैं जिसके कारण परिवार में एक दूसरे के बीच संक्रमण फैल रहा है। परिणाम यह है कि शहर से संक्रमितों शवों के अंतिम संस्कार की संख्या पिछले सप्ताह की तुलना में इन दो दिनों में 15 से 20 फीसदी बढ़ी है। प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया तो भयावह स्थिति (महामारी की) आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
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शहर के न्यू गुरुग्राम, बादशाहपुर, डीएलएफ सुशांत लोक सहित एक दर्जन इलाकों में रहने वाले परिवारों में कोरोना संक्रमण ज्यादा है और सांस लेने में दिक्कत आ रही है। शहर के इन पॉश इलाकों के मकानों में जगह भी कम है इसलिए यहां के लोग अस्पतालों में इलाज के लिए बेड के प्रयास में हैं। उनकी प्राथमिकता भी यही रहती है लेकिन अस्पतालों ने ऑक्सीजन के अभाव में इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल संचालकों का कहना है कि अब संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है लेकिन उनके लिए ऑक्सीजन के सिलिंडर भी नहीं मिल रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों की सांसें भी अटकी रहती हैं। इस बीच कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। यह सिलसिला बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं, ठीक से बचाव न होने की स्थिति में एक व्यक्ति के संक्रमित होने पर छोटे से घर में सभी कमरे संयुक्त होने के कारण सावधानी नहीं बरती जाती। परिणाम स्वरूप यह संक्रमण परिवार के अन्य सदस्यों में फैलने लगा है।
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शहर के घरों से श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले शवों की संख्या इन दिनों ज्यादा है। जबकि अस्पतालों से कुछ कम होने लगी है। रामबाग स्थित मदनपुरी श्मशान घाट में मंगलवार तक शहर से 10 से 15 तक शव अंतिम संस्कार के लिए आते थे लेकिन अब यह संख्या 25 तक हो गई है। इतना ही नहीं नगर निगम की गाड़ियां भी अब अस्पतालों से कम शहर के विभिन्न इलाकों से संक्रमित शवों को ज्यादा ला रहीं हैं। यह स्थिति शहर के अन्य श्मशान घाट मुल्लाखेड़ा, अतुल कटारिया चौक, दौलताबाद, नाथूपुरा, फाजिलपुर और झाड़सा की हो गई है।
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष कुमार सिंगला के अनुसार कुछ दिनों से शहर से संक्रमित शव ज्यादा आ रहे हैं। इनके अलावा कुछ लोग ऐेसे बुजुर्ग लोगों के शवों का भी कोविड प्रोटोकाल के अंतर्गत अंतिम संस्कार करा रहे हैं जिनको कोरोना संक्रमण के लक्षण है। उन्होंने कोरोना टेस्ट नहीं कराया है या फिर टेस्ट कराया है लेकिन रिपोर्ट आने से पहले मौत हो गई है। उन शवों का भी कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार कराया जा रहा है।
पलायन कर रहे लोग
गुरुग्राम में इलाज के लिए बेड उपलब्ध न होने के कारण लोग दूसरे शहरों में इलाज के लिए जा रहे हैं। एंबुलेंस एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर लोग इलाज के लिए यहां से सिरसा, रोहतक, मोहाली, लुधियाना, चंडीगढ़, शिमला, जम्मू आदि शहरों में जा रहे हैं। वहां पर उनको आसानी से बेड भी उपलब्ध हो रहे हैं।
पुलिस के 150 जवान संक्रमित
जिले में पुलिस एवं होमगार्ड सहित 150 जवान संक्रमित हो गए। जिनका पुलिस अधिकारियों की निगरानी में इलाज चल रहा है। उनका उपचार कराने के साथ-साथ आइसोलेट भी किया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर केके राव का कहना है कि सभी पुलिस कर्मियों को कोविड-19 प्रोटोकाल के अंतर्गत सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं।
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