गुरुग्राम। सेक्टर-94 में करीब 70 एकड़ भूमि पर हुए कब्जे को लेकर आर्थिक अपराध शाखा ने 14 विभागों को नोटिस जारी किया। नोटिस मिलते ही बृहस्पतिवार को जिला नगर योजनाकार की टीम पुलिस बल के साथ कब्जा खाली कराने पहुंच गई। लोगों के विरोध के बीच सुबह 11 बजे कार्रवाई शुरू हुई जो देर शाम तक जारी रही। अधिकारियों ने मामले में सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में जवाब दाखिल करना है। बृहस्पतिवार को जिला नगर योजनाकार आरएस बाठ ने 25 वेयरहाउस को तोड़ा है। इस दौरान लोगों ने विरोध किया। 200 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कार्रवाई बिना रुके चलती रही।
खाली जमीन पर बिना अनुमति निर्माण कार्य करने की जांच आर्थिक अपराध शाखा ने शुरू की है। जांच के दौरान आर्थिक अपराध शाखा ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, जिला नगर योजनाकार, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, राजस्व विभाग, वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजली निगम, भूजल विभाग समेत 14 विभागों को नोटिस जारी किया है। आर्थिक अपराध शाखा ने उनसे इस जमीन को खुला स्थान घोषित करने का नोटिफिकेशन देने, रजिस्ट्री करने, निर्माण कार्य करने की अनुमति देने, रजिस्ट्री के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने, बिजली कनेक्शन देने, भूजल के लिए बोरवेल करने, पेड़ काटने की अनुमति देने संबंधी जवाब मांगे हैं। इसके साथ ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, जिला नगर योजनाकार से इन अवैध निर्माण पर कार्रवाई की रिपोर्ट देने समेत सभी विभागों को दी गई शिकायतों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
2019 में शिकायत दी थी
मालीबू टाउन निवासी रमन शर्मा ने बताया कि खाली जमीन पर निर्माण कार्य करने को लेकर उन्होंने साल 2019 में सभी विभागों में शिकायत दी थी, लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की। मामला सत्र न्यायालय में दायर किया गया। न्यायालय ने मामले में जांच करने व केस दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया, लेकिन कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इसकी शिकायत भारत सरकार को देते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में मामला दायर किया। रमन शर्मा ने बताया कि सोमवार को अधिकारियों ने अदालत में जवाब दाखिल करना है जिससे पहले यह कार्रवाई की गई है।