करार छिपाने का आरोप, अदालत ने सिनर्जी फिनहब की याचिका पर दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। प्रॉपर्टी के एक मामले में एम्मार इंडिया की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। करार छिपाने और 100 करोड़ से अधिक रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में जिला अदालत ने एम्मार इंडिया समेत संबंधित अधिकारियों पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश अदालत ने सिनर्जी फिनहब कंपनी की याचिका पर सिविल लाइंस थाना पुलिस को आदेश दिया है।
यह आदेश अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 10 अप्रैल को सिनर्जी फिनहब की तरफ से अधिकृत पार्टनर लखराम गोयल की तरफ से अदालत में दायर की याचिका में कहा गया कि 29 अगस्त 2022 को सेक्टर-66 में लगभग 17.62 एकड़ जमीन के लिए ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट किया गया था। जमीन पर उन्हें आवासीय परियोजना बनानी थी। एग्रीमेंट में एम्मार इंडिया ने बताया था कि जमीन पर किसी भी तरह का कुछ विवाद नहीं है और कुछ भी तथ्य नहीं छुपाया जा रहा है। उनका कहना है कि कंपनी पहले से ही तेजस होम बिल्ड कंपनी और नैनी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ 2010 और 2013 में समझौता किया गया था। इसकी समझौतों की वजह से डीटीसीपी से लाइसेंस लेने में देरी हुई और लेटर ऑफ इंटेंट की समय सीमा खत्म हो गई।
परियोजना के लिए कंपनी को पहले 25 करोड़ रुपये दिए थे और बाद में 120 करोड़ रुपये भी जमीन के लिए दिए गए थे। परियोजना का लाइसेंस नहीं मिल तो उनका करार रद हो गया। उनका आरोप है कि कंपनी ने सभी रुपये रख लिए उन्हें वापस नहीं किए गए। हालांकि एम्मार इंडिया की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने दलील रखने के लिए अदालत से अनुमति मांगी थी अदालत ने मांग को खारिज कर दिया था। अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता के साथ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत तहत संज्ञेय अपराध बनते दिख रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया गया। अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।