पुलिस उपायुक्त ने बैंक रिलेशनशिप मैनेजर को किया सम्मानित
ट्रांजेक्शन पर संदेह होने पर मैनेजर ने करा दिए थे अकाउंट फ्रीज
रिलेशनशिप मैनेजर की समझदारी से बुजुर्ग के बच सके 5.90 करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बुजुर्ग से डिजिटल अरेस्ट कर ठगी गई 64 लाख रुपये की राशि बैंक रिलेशनशिप मैनेजर की समझदारी से बच गई। मैनेजर की समझदारी पर पुलिस उपायुक्त ने उन्हें प्रशंसा पत्र और 20 हजार रुपये देकर शुक्रवार को सम्मानित भी किया। मैनेजर को ट्रांजेक्शन पर शक होने पर उन्होंने शिकायतकर्ता का बैंक खाता फ्रीज कराते हुए राशि को होल्ड करा दिया था। मैनेजर के समझाने पर ही पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी।
पीड़ित ने मंगलवार को पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व को दी शिकायत में बताया था कि कुछ दिन पहले उनके पास एक फोन आया था। फोन पर बात करने वाले ने अपने आप को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताते हुए बात की। कॉलर ने कहा कि उनका आधार कार्ड और मोबाइल नंबर गैर कानूनी कार्य में इस्तेमाल किया गया है। उनके खिलाफ मामला दर्ज होने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है। इस दौरान ठग सीबीआई और मुंबई पुलिस के अधिकारी बनकर पीड़ित से बात करते रहे।
डिजिटल अरेस्ट करने के दौरान उनसे 64 लाख रुपये ठगों ने अपने खाते में डलवा लिए थे। ठगों ने 11 नवंबर को 20 लाख रुपये झारखंड की एसबीआई की शाखा में और 44 लाख रुपये मुंबई की एक्सिस बैंक ब्रांच में डलवा लिए थे। शिकायतकर्ता ने डिजिटल अरेस्ट के डर से अपने 5.90 करोड़ रुपये की म्यूचुअल फंड रिडीम करके बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। यह राशि तीन दिन के अंदर बैंक खाते में म्यूचुअल फंड की राशि बैंक खाते में ट्रांसफर होनी थी।
शिकायतकर्ता का बैंक खाता गैलेरिया मार्केट के एक्सिस बैंक में था। इस बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर मीत साबरवाल को जब ट्रांजेक्शन पर संदेह हुआ तो उन्होंने जिन बैंक खातों में राशि गई थी वहां पर बात करने 13 नवंबर को होल्ड करा दिए थे। मैनेजर ने शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी का बैंक खाता फ्रीज तक करा दिया था।
मैनेजर ने इसके बारे में जब शिकायतकर्ता से संपर्क किया तो उन्होंने पहले फोन ही नहीं उठाया। 18 नवंबर को शिकायतकर्ता ने बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर मीत साबरवाल को फोन किया तो रिलेशनशिप मैनेजर 64 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन के बारे में पूछने लगे। पहले तो उन्होंने इसके बारे में कुछ नहीं बताया, बाद में जब विश्वास में लेकर पूछा तो उन्होंने डिजिटल अरेस्ट करके ठगी के बारे में बताया। मैनेजर ने उन्हें पुलिस में शिकायत करने के बारे में समझाया। साइबर अपराध पूर्व में तैनात मुख्य सिपाही ने मुंबई की एक्सिस बैंक में संपर्क किया तो बांद्रा के बैंक मैनेजर ने बताया कि खाताधारक फोन करके उन पर दबाव बना रहा है कि उसके फ्रीज हुए बैंक खाते को अनफ्रीज किया जाए। इस पर पुलिस टीम ने कहा कि पुलिस की तरफ से बैंक खाता फ्रीज कराने के लिए बैंक को मेल की जा चुकी है। वह बैंक खाते को अनफ्रीज न करें।
रिलेशनशिप मैनेजर मीत साबरवाल बीते सात साल से एक्सिस बैंक गुरुग्राम की ग्लेरिया मार्केट शाखा में कार्यरत है। पुलिस टीम ने राशि को पीड़ित के बैंक खाते में रिफंड कराने के लिए बुधवार को सुपरदारी के लिए कार्रवाई कराई गई है, जल्दी ही पीड़ित से ठगे गए रुपए पीड़ित ले बैंक खाते में रिफंड हो जाएंगे।