संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। ब्रजमंडल यात्रा के दौरान हुई हिंसा मामले में नूंह सिटी थाना पुलिस ने 8 और आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए 8 आरोपियों में 2 रोहिंग्या भी शामिल हैं। अन्य 3 गांव अड़बर और 3 गांव बडोजी के रहने वाले हैं। ये 31 जुलाई को हिंसा में शामिल हुए। जांच में पता चला है कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए 8 आरोपी सबसे पहले नूंह के होडल चौक पर एकत्रित हुए थे। इनके साथ अन्य दंगाई भी शामिल हुए थे।
रविवार शाम गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अब पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी में जुटी हुई है। नूंह सिटी थाना एसएचओ ओमबीर सिंह ने कहा कि इन आरोपियों के जरिए अन्य आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। पुलिस को इन्हें पकड़ने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा है। यह आरोपी अपने स्थान से इधर-उधर भागे हुए थे। जिन्हें पुलिस ने फोन लोकेशन व अन्य कई तरीकों से खोज निकाला है। अभी भी पुलिस की धरपकड़ जारी है ।इसके लिए 20 से अधिक टीमें बनाई हुई है ।जो विभिन्न क्षेत्रों में अपने कार्य में जुटी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही पुलिस को और एक बड़ी कामयाबी मिलने की संभावना है। कुछ आरोपियों को अरावली की पहाड़ी में बताया जा रहा है। जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने वहां भी छापेमारी की है लेकिन यह लोग अपने ठिकाने से इधर उधर हो गए जिसके कारण पुलिस को वहां अभी कोई खास कामयाबी नहीं मिली है ।क्योंकि अरावली की पहाड़ी से नीचे से होने वाली पुलिसिया व अन्य कार्रवाई उन्हें आसानी और दूर से दिखाई दे जाती है। जिसके कारण वह तुरंत अपना ठिकाना बदल देते हैं। अरावली मेवात में लाखों हेक्टेयर में हैं। ऐसे में यह इस दंगे में संलिप्त आरोपियों के लिए एक बड़ी सुरक्षा बनी हुई है। लेकिन पुलिस कप्तान नरेंद्र बिजारनिया का दावा है कोई कहीं छुप ले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा । जो लोग अरावली में है उनके लिए भी पुलिस विशेष रणनीति बनाकर उन्हें जल्द पकड़़कर सलाखों के पीछे डालेगी। उन्होंने लोगों से यह अपील की है जो दोषी है वह पुलिस के सामने सरेंडर कर दे नहीं तो पुलिस अपने तरीके से आरोपियों का को लेकर आएगी।
बता दें कि हिंसा मामले में नूंह पुलिस ने अब तक 56 एफआईआर दर्ज करते हुए 156 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। साथ इस हिंसा में नूंह में 4 की मौत और 88 घायल लोगों के घायल होने की पुष्टि पुलिस ने की है। वहीं दूसरी ओर हिंसा के 8 दिन बाद भी जिले के कर्फ्यू जारी है। हालांकि की आमजन की जरूरतों लेकर सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक ढील दी गई। जिलाधीश धीरेंद्र खड़गटा के आदेश पर कर्फ्यू के दौरान सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक बैंक तथा एटीएम भी खोले गए। साथ ही सरकारी कार्यालय भी कर्मचारियों का आवागमन सुचारू हो गया है।