सरकार ने 499 शिक्षा सहायकों के कार्यकाल को 2026 तक किया एक्सटेंड
दिनेश देशवाल
नूंह। जिले में शुक्रवार को मेवात विकास बोर्ड की बैठक लेने पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इसमें उन्होंने शिक्षकों की कमी के चलते स्कूलों में लगाए गए शिक्षा सहायकों के कार्यकाल को 2026 तक बढ़ाने की भी घोषणा की। इस घोषणा से जहां जिले के विभिन्न स्कूलों में तैनात 499 शिक्षा सहायकों में खुशी की लहर है, वहीं इससे जिले की शिक्षा व्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिलेगा।
जिले के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी है। इस कारण यहां बच्चों के बीच में पढ़ाई छोड़ने व परीक्षा परिणामों में काफी खस्ताहाल परिणाम रहने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इस कमी से कुछ हद तक पार पाने के लिए हरियाणा सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जिले के स्कूलों में एनजीओ के माध्यम से शिक्षा सहायक लगाने की मंजूरी दी थी। इसके तहत जिले में 499 शिक्षा सहायक 31 मार्च 2025 तक नियुक्त किए गए। कार्यकाल समाप्त होने पर न तो यहां नियमित शिक्षकों की तैनाती हुई और न ही जिले में शिक्षकों की कमी पूरी करने की कोई अन्य योजना बनाई गई।
शिक्षा सहायकों ने जताया आभार :
कार्यकाल बढ़ाए जाने पर शिक्षा सहायक यूनियन मेवात के प्रधान कुतबु्द्दीन, उपप्रधान छत्तरपाल देशवाल, उमा सोनी, भगतसिंह छपेड़ा, धर्मेंद्र, अनिल, पंकज सोनी आदि ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने न केवल शिक्षा सहायकों के परिवारों को सहारा दिया है, बल्कि जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण कार्य किया है। जैसे ही सरकार उन्हें ज्वाइन करवाएगी, वे फिर से जिले की शिक्षा व्यवस्था में जी तोड़ मेहनत कर सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे।
जिले में अध्यापकों की भारी कमी : जिले में 506 प्राइमरी, 260 माध्यमिक, सात उच्च विद्यालय व 117 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के अलावा पांच आरोही मॉडल व पांच कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय है। इसमें 3,898 जेबीटी अध्यापकों के पदों में से 2074 व 3403 टीजीटी अध्यापकों के पदों में से 1857 पद रिक्त हैं। इसके अलावा पीजीटी, प्रिंसीपल, हेडमास्टर, हेड टीचर समेत अनेक पद जिले में रिक्त हैं। इसका खामियाजा यह रहा कि इस बार जिला 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में पूरे प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर रहा था। ऐसे में इन 499 शिक्षा सहायकों के कार्यकाल बढ़ोत्तरी से जिले में शिक्षकों की कमी को पूरा करने में कुछ हद तक कामयाबी मिलेगी।