120 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार भरने वाले वाहनों का चालान कटेगा
एक्सप्रेसवे पर 4 महीने में 36 मौत, 35 घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। निरंतर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर ई-चालान की व्यवस्था करने का फैसला लिया है। इससे 120 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार भरने वाले वाहनों का चालान कटेगा। फिलहाल ई-चालान सिस्टम लागू करने की टेस्टिंग का काम तेजी से चल रहा है। अब तक हुई सड़क दुर्घटनाओं से पता चला है कि यहां वाहन 200 की स्पीड तक दौड़ रहे हैं। इसके कारण यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। ऐसे में अब ई-चालान व्यवस्था शुरू कर सख्ती बरतने की तैयारी की गई है। एक्सप्रेसवे पर बस और ट्रक के लिए अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तय की गई है। दिल्ली मुंबई वडोदरा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के प्रथम चरण का उद्घाटन 12 फरवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दौसा राजस्थान व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिलालपुर मेवात से किया था। दूसरे चरण का उद्घाटन सितंबर में होना है। एक्सप्रेसवे का कार्य पूरा कराने की समयावधि 31 मार्च 2024 तक बढ़ाई गई है। बीते 2 जून तक दिल्ली मुंबई निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर केवल 300 किलोमीटर के टुकड़े पर 4 महीने में 37 मौत हो चुकी है तथा 35 लोग घायल हुए हैं। सड़क और परिवहन मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से दावे किए गए थे कि इस एक्सप्रेसवे से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, लेकिन पिछले 4 महीने में दर्जनों सड़क हादसे इस एक्सप्रेस-वे पर हो चुके हैं और कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
प्रशांत पंवार, जिला उपायुक्त नूंह का कहना है कि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर मोटरसाइकिल, टेंपो, ट्रैक्टर पर रोक लगाई है। जिनके कारण नूंह से गुजर रहे एक्सप्रेसवे पर कई मौतें हुई थीं। ई-चालान से वाहनों की गति पर लगाम लगेगी और सड़क दुर्घटनाएं कम होंगी। फरवरी में उद्घाटन के बाद जिला पलवल की मंजू (35), उसकी बहन रेखा गुर्जर (32) और मंजू का बेटा मन्नू (14) की मौत हो गई। पिछले महीने गजरात पालनपुर की रशीदा (45), उनका बेटा अहमद (25) की मौत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश कल्याणपुर निवासी आसिफ अंसारी (35), फैसल अहमद (36) और महताब (30) नगीना शामिल है।