जीएमसीबीएल में ट्रायल के लिए लाई गई ई-बस। फोटो- संवाद
सीआईआरटी और जीएमसीबीएल की टीम ने जांचे मानक, जल्द सड़कों पर दौड़ सकती हैं नई ई-बसें
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जीएमसीबीएल के बेड़े में शामिल की गई नौ मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बस (ई-बस) का तीन दिन का ट्रायल मंगलवार को पूरा हुआ। सेंट्रल इंस्टीट्यूट रोड ट्रांसपोर्ट (सीआईआरटी) और जीएमसीबीएल की टीम ने जिले में 20 से अधिक रूटों पर ई-बस को चलाकर देखा। ट्रायल के दौरान सभी रूटों की सड़कों पर आई समस्याओं को रिव्यू किया गया। ट्रायल की रिपोर्ट आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
नौ मीटर लंबी व वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बस में 25 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। 17 अगस्त से 19 अगस्त को चार रूटों पर हुआ ट्रायल फेल होने के बाद 6 सितंबर से 8 सितंबर तक दोबारा ट्रायल लिया गया। ट्रायल में इलेक्ट्रिक बस की बैटरी कार्य-क्षमता, बैटरी हेल्थ, यात्री भार वहन क्षमता, विश्वसनीयता सहित विभिन्न यातायात व सड़क परिस्थितियों के अनुरूप संचालन क्षमता का विशेष रूप से मूल्यांकन किया गया। इनमें शहर की सड़कों पर यातायात, अधिक भीड़-भाड़ वाली सड़कें, लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बसों का आकलन किया गया।
ई-बस की ट्रायल प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। दोबारा हुए ट्रायल की रिपोर्ट बनाई जा रही है। रिपोर्ट को आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) भेजा जाएगा। वहां से अनुमति मिलते ही 24 ई-बसें को जीएमसीबीएल बेड़े में शामिल करने संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। - विश्वजीत चौधरी, सीईओ, जीएमसीबीएल