गुरुग्राम हुडा सिटी सेंटर पर ई-बाइक का शुभारंभ करते जीएमसीबीएल के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिका
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गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर शहरी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) ने बृहस्पतिवार को मोबिसी के साथ मिलकर ई-बाइक की शुरूआत की। इसकी शुरूआत जीएमसीबीएल के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार बंसल ने की। ऐप के जरिए मिलने वाली ई-बाइक से शहर के प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इस दौरान उन्होंने ई-बाइक भी चलाई।
संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव और प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए मोबिसी के साथ मिलकर यह कदम उठाया गया है। जीएमडीए ने मोबिसी को एक वर्ष तक बस स्टैंड पर चलाए जाने की अनुमति प्रदान की है। बस से आने वाले यात्री स्टैंड से ऐप के जरिए ई-बाइक लेकर अपने गंतव्य की ओर जा सकते हैं, जहां उन्होंने जाना है वहां पहुंचकर नजदीकी स्टैंड पर बाइक को जमा करवा देंगे।
मोबिसी के फाउंडर आकाश गुप्ता ने बताया कि गोआ सहित यह देश के चार अन्य राज्यों में चलाई जा रही है। इसमें एप के जरिए ई-बाइक मिलते ही जीपीएस एक्टिवेट हो जाएगा। पहली बार बाइक लेने पर 15 मिनट तक किराए में छूट मिलेगी जबकि दूसरी बार लेने पर किराए में 50 फीसदी की छूट दी जाएगी। यह पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर सुविधा को शुरू किया गया है। लोग इसका प्रयोग अधिक से अधिक करें, इसके लिए यह विशेष छूट दी जा रही है।
50 सेंटरों पर करा सकते हैं बाइक जमा
आकाश गुप्ता ने बताया कि शुरुआत में ई-बाइक के 4 सेंटर बनाए गए हैं। यहां से बाइक को प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन लोगों की सुविधा को देखते हुए बाइक ड्रॉप करने के 50 सेंटर बनाए गए हैं। यात्री मेट्रो स्टेशन सेंटर सहित चार सेंटरों से बाइक लेने के बाद अपने नजदीकी सेंटर पर बाइक छोड़कर अपने गंतव्य की ओर जा सकते हैं। यात्री जिस लोकेशन में जाएंगे, एप उसी लोकेशन के नजदीकी सेंटर के बारे में बता देगी।
क्यूआर कोड स्कैन करते ही शुरू होगा जीपीएस और समय
बाइक की बुकिंग एप के जरिए होगी। एप में आने वाले पासवर्ड से ई-बाइक यात्री को अलॉट होगी तथा क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद ही यह एक्टिवेट होगी। क्यू आर कोड स्कैन के बाद न केवल समय शुरू होगा बल्कि जीपीएस सिस्टम भी शुरू हो जाएगा। इससे बाइक की लोकेशन पर नजर रखने में सहायता मिलेगी।