जीएमडीए सेक्टर-37डी बसई से गढ़ी हरसरू के बीच कनेक्टिविटी पर कर रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-37डी बसई के पास रेलवे क्रॉसिंग नंबर-29 पर आरओबी निर्माण के लिए सर्वे एजेंसी ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) को रिपोर्ट सौप दी है। एजेंसी ने तीन मॉडल प्रस्तुत किए। इसमें एक दो लेन का आरओबी और दो चार लेन के आरओबी की डिजाइन शामिल हैं। जीएमडीए सेक्टर 37डी के साथ रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य की योजना पर काम कर रहा है।
जीएमडीए ने करीब छह माह पहले रेलवे क्रॉसिंग नंबर 29 पर आरओबी निर्माण को लेकर संभावना तलाशने के लिए एक एजेंसी को कार्य सौंपा था। एजेंसी ने आरओबी निर्माण को लेकर तीन मॉडल जीएमडीए को दिए हैं। एक मॉडल में दीवार के सामान्य तरह के बनने वाले आरओबी निर्माण का सलाह दी गई है। दो अन्य मॉडल में पिलर्स पर चार लेन का निर्माण कराने की बात की गई है। आरओबी करीब चार सौ मीटर हो सकता है। हालांकि, जीएमडीए का कहना है कि तीनों डिजाइनों में लागत समेत अन्य कार्य देखा जा रहा है। प्राधिकरण यातायात पैटर्न, वाहन घनत्व और किस समय सबसे अधिक आवागमन होता है समेत अन्य विश्लेषण कर रहा है। इसके निर्माण से सेक्टर 36, 37,37डी और द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ सेक्टरों के बीच सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। जीएमडीए के अनुसार बसई गांव के राजस्व में बसे कई सेक्टरों का द्वारका एक्सप्रेसवे जुड़ जाएगे।
इससे पहले बसई चौक पर यातायात की भीड़ को कम करने के लिए 820 मीटर फ्लाईओवर और 6-लेन की सड़क जीएमडीए द्वारा बनवाई गई है। इसके अतिरिक्त बसई चौक के माध्यम से दिल्ली, झज्जर और रोहतक की ओर जाने वाले यात्रियों को भी अब बेहतर सड़क मिल रही है। हालांकि हीरो होंडा से उमंग भारद्वाज चौक तक सड़क का काम अभी होना है। यह पूरा होने से एनएच-48 से द्वारका एक्सप्रेसवे से यातायात सुगम हो जाएगा।
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लोगाेें को होती है परेशानी
सेक्टर 37डी बसई के रेलवे फाटक से गुजरने पर लोगों को परेशानी होती है। यह रोड बसई से गढ़ सहसरु को जोड़ती है। अब बसई गांव के राजस्व में कई सेक्टर बस गए हैं। ऐसे में इस रोड पर वाहनों का काफी दबाव रहता है। दिल्ली-रेवाड़ी रेल रुट पर ट्रेनों का काफी संचालन होता है और रेलवे फाटक बंद होने से काफी देर वाहन चालकों को रुकना पड़ता है। रेलवे लाइन के दूसरी ओर द्वारका एक्सप्रेसवे हैं। ऐसे में यहां पर रेलवे ओवर ब्रिज बनने से वाहन चालकों को रुकना नहीं पड़ेगा और यातायात बेहतर होगा।