संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे की सोसाइटियों के लिए आंतरिक रोड के निर्माण के लिए लोगों ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सोसाइटियों के पास 24 और 30 मीटर की आंतरिक सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सर्विस लेन और मुख्य सड़क पर यूटर्न के अभाव के कारण एकतरफ लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पर जा रहे, वहीं दूसरी ओर दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
द्वारका एक्सप्रेसवे गुड़गांव डेवलपमेंट एसोसिएशन (डीएक्सपी जीडब्ल्यूए) ने अपनी तिमाही बैठक में यह फैसला लिया था कि सड़क निर्माण के लिए वे हाईकोर्ट की शरण लेंगे। डीएक्सपी जीडब्ल्यूए के सहसंयोजक सुनील सरीन ने बताया कि स्वीकृत विकास योजनाओं का हिस्सा होने के बावजूद यहां की आंतरिक सड़कें कई वर्षों से अधूरी पड़ी हैं। एक्सप्रेसवे पर स्थित ऊंची इमारतों और प्लॉटेड कॉलोनियों में रह रहे हजारों परिवारों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संगठन से जुड़ीं एडवोकेट सीमा नैन ने यह याचिका दायर की है। डीएक्सपी जीडब्ल्यूए के संस्थापक सनी दौलताबाद ने बताया कि महत्वपूर्ण आंतरिक सड़कों के अधूरे होने से परिवारों को रोजाना मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड तक सोसाइटियों तक नहीं पहुंच पाती हैं। बच्चे धूलभरी और खतरनाक गलियों से गुजरने को मजबूर हैं। इस कानूनी कदम के जरिये हम जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराना चाहते हैं और समयबद्ध ढंग से बुनियादी ढांचे को पूरा करवाना चाहते हैं।
इस तरह परेशान हैं लोग
- उचित सड़कें न होने के कारण निवासी संकरी और असुरक्षित अस्थायी गलियों का उपयोग करने को मजबूर हैं।
- आपातकालीन सेवाएं बाधित हो रही हैं। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और आवश्यक सेवाओं का सीधा आवागमन बाधित हो रहा है।
- आंतरिक सड़क नहीं होने के कारण सर्विस रोड का अत्यधिक उपयोग हो रहा है, जिससे दुर्घटनाओं और अव्यवस्था की आशंका बढ़ रही है।