फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: फर्जी कॉल सेंटर से विदेशी नागरिकों को ठगने वाले सात गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्जी कॉल सेंटर से विदेशी नागरिकों को ठगने वाले सात गिरफ्तार
विज्ञापन

- सेक्टर-67 की एक सोसाइटी में किराये के भवन में चलाते थे कॉल सेंटर
- आरोपियों के पास से सात मोबाइल, दो क्रिप्टोकरेंसी हार्डवेयर वॉलेट बरामद

संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया के नागरिकों से कस्टमर सपोर्ट देने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी सेक्टर-67 स्थित अंसल एसेंशिया सोसाइटी में किराये पर फ्लैट लेकर वारदात कर रहे थे। बृहस्पतिवार देर शाम पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसकी पहचान मोहम्मद जफर इकबाल (28), नूर हुसैन (28), सुमित (32), अभिषेक मिश्रा (30), शेक्ष इब्राहिम (28), अभिषेक गुुप्ता (35) और मोहम्मद आदिल (32) के रूप में हुई है।
आरोपी विदेशियों को कस्टमर स्पोर्ट सर्विस और फर्जी रिफंड देने के नाम पर 250 से 500 डॉलर तक की ठगी करते थे। पुलिस को आरोपियों के पास से सात मोबाइल, पांच लैपटॉप, दो क्रिप्टोकरेंसी हार्डवेयर वॉलेट भी बरामद हुआ है। ठग प्रतिदिन करीब पांच हजार लोगों को ईमेल भेजते थे।
विज्ञापन

एसीपी वरुण दहिया ने बताया कि साइबर साउथ थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर-67 स्थित अंसल सोसाइटी से कॉल सेंटर संचालित करके विदेशी नागरिकों को ठगा जा रहा हैै। पूछताछ में कॉल सेंटर के संचालक मोहम्मद जफर इकबाल ने बताया कि उनके पास कॉल सेंटर चलाने की अनुमति नहीं है। पिछले एक महीने से किराये पर फ्लैट लेकर प्रतिदिन करीब चार हजार से पांच हजार विदेशी लोगों को पेपल, नॉर्टन व अमेजन के अनऑथराइज्ड चार्ज के रिफंड देने के लिए ईमेल के माध्यम से टोल फ्री नंबर भेजते थे।
विज्ञापन

जब कोई भी कस्टमर टोल फ्री नंबर पर फोन करता, तो वह उनके कंप्यूटर में एनीडेस्क ऐप डाउनलोड करवाते थे। इसके बाद उसके कंप्यूटर का अपने कब्जे में ले लेते थे। उन्हें कुछ पता न चले इसके लिए कंप्यूटर की स्क्रीन को भी काला कर देते थे। इस दौरान वह उनके बैंक खातों में राशि को बढ़ा हुआ दिखाते थे, फिर सर्विस के नाम पर उपहार के माध्यम से उनसे 250-300 डॉलर चार्ज लेते थे। इस तरह कस्टमर को गुमराह करके एप्पल, गूगल प्ले आदि से गिफ्ट खरीदवाकर उनके नंबर को अपने पास सुरक्षित कर लेते थे। बाद में गिफ्ट कार्ड से चाइना से मिलती जुलती या सस्ती चीज दिलवा दिया करते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें