महिलाओं को नहीं दी जाएगी एल्बेंडाजोल की दवा
नंबर गेम - 6.38 लाख के करीब बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) अभियान की शुरुआत की जा चुकी है। इस बार स्वास्थ्य विभाग ने एक से 19 वर्ष तक के लगभग 6.38 लाख बच्चों को दवा खिलाने का का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि दवा (एल्बेंडाजोल) की सीमित उपलब्धता के चलते अभियान के संचालन में विशेष सावधानी बरती जा रही है और प्राथमिकता केवल बच्चों को ही दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान चरण में दवा केवल एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को ही दी जाएगी। इस अभियान में महिलाओं को भी शामिल किया जाता है, लेकिन इस बार सीमित स्टॉक के कारण उन्हें फिलहाल अभियान से बाहर रखा गया है। विभाग का कहना है कि प्राथमिकता पहले 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को दी जाएगी। यदि स्टॉक आता है तो प्रजनन आयु की महिलाओं को दवा खिलाई जाएगी। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य संस्थानों को उपलब्ध दवा का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
छूटे हुए बच्चों को 5 मई को खिलाई जाएगी दवा
अभियान 21 अप्रैल से शुरू होकर 5 मई तक चलेगा, जिसमें पांच मई को मॉप-अप डे के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान छूटे हुए बच्चों को दवा खिलाने पर विशेष जोर रहेगा, ताकि अधिकतम कवरेज सुनिश्चित किया जा सके। स्वास्थ्य कर्मियों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संयुक्त प्रयासों से लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्यों जरूरी है एल्बेंडाजोल की दवा
एल्बेंडाजोल एक महत्वपूर्ण दवा है जो 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों के पेट में होने वाले कीड़ों को खत्म करने के लिए दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग के विशेष अभियान के तहत इसे साल में दो बार खिलाया जाता है। यह दवा बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है और उनके शारीरिक विकास को बाधित होने से बचाती है। एल्बेंडाजोल शरीर में मौजूद कृमियों को नष्ट कर खून की कमी (एनीमिया) को भी कम करने में मदद करती है।
इस बार स्टाॅक कम होने को ध्यान में रखते हुए 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को प्राथमिकता में रखा गया है। इसके लिए संबंधित टीम को उसी अनुसार आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं ताकि व्यवस्था सुचारू रहे। यदि पांच मई तक स्टाॅक सामान्य हो जाता है तभी महिलाओं को दवा खिलाई जाएगी। -
डाॅ. लोकवीर, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग