-साइबर सिटी में अनियमित दिनचर्या, तनाव, खानपान बड़ी वजह
- हर माह नागरिक अस्पताल में 390 से ज्यादा मरीज उच्च रक्तचाप के पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। साइबर सिटी की भागदौड़ भरी जिंदगी और तनावपूर्ण माहौल का असर अब युवाओं के दिल पर साफ दिखाई देने लगा है। जिला नागरिक अस्पताल स्थित हृदय आरोग्य केंद्र में हर महीने औसतन 2500 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें से करीब 390 मरीज उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) की समस्या से पीड़ित हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें लगभग 80 प्रतिशत मरीज 40 वर्ष से कम आयु के हैं, जिसे डॉक्टर चिंताजनक मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अनियमित दिनचर्या, तनाव, खानपान, अधिक नमक युक्त भोजन और शारीरिक आलस्य इसके प्रमुख कारण हैं।
बादशाहपुर निवासी रश्मि (32) को हाल ही में जांच में उच्च रक्तचाप पाया गया। अशोक विहार निवासी दीवान सिंह को भी बीपी की समस्या मिली, जिनसे डॉक्टरों ने जीवनशैली सुधारने की अपील की। वहीं, शिखोहपुर गांव के प्रदीप कुमार (36) को भी दवा और खानपान में बदलाव की सलाह दी गई। डॉक्टरों ने सलाह दी कि नियमित व्यायाम, योग, संतुलित आहार और तनाव प्रबंधन ही इससे बचाव का उपाय है।
हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण
सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई, नाक से खून आना, धुंधली दृष्टि, अनिद्रा और सीने में दर्द इसके सामान्य लक्षण हैं। डॉक्टरों के अनुसार हाइपरटेंशन साइलेंट किलर है, क्योंकि शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते और यह धीरे-धीरे हृदय, किडनी और मस्तिष्क जैसे अंगों को नुकसान पहुंचाता है।
बदलते लाइफस्टाइल के कारण यह समस्या अधिक देखने को मिल रही है। अधिकांश लोग शुरुआती लक्षणों पर ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में युवाओं में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। - डॉ. काजल कुमुद, फिजीशियन, नागरिक अस्पताल