बेमौसम बारिश से साइबर सिटी के विभिन्न इलाकों में जलभराव, लोगों ने झेली दुश्वारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में शुक्रवार को हुई बेमौसम बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दिलवाई, वहीं जलभराव, उमस और ठप बिजली व्यवस्था से लोगों ने खासी दुश्वारियां भी झेलीं। निचले इलाकों में घरों व दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। कई अंडरपास व सब-वे जलभराव की वजह से बंद हो गए। शुक्रवार देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल न होने की वजह से कार्यालयों में कामकाज काफी प्रभावित रहा। आंधी के चलते कई जगह पेड़ व टहनियां गिरीं, जबकि एक पार्क की दीवार धराशायी हो गई। कई वाहन भी जलभराव के बीच गड्ढों में फंस गए।
जलभराव की वजह से सुबह लोगों को ऑफिस जाने में घंटों जाम में जूझना पड़ा। बारिश से दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जलभराव से वाहनों की रफ्तार थम गई। एसपीआर रोड पर सड़क धंसने से राहगीर हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए।
साइबर सिटी में सुबह करीब दो घंटे के दौरान हुई 45 एमएम बारिश से नगर निगम के दावाें की एक बार फिर पोल खुल गई। बसई रोड, सिविल लाइंस, गोल्फ कोर्स रोड, चार-आठ मारला, पटेल नगर, इफ्को चौक, पॉस्को चौक, गुरुग्राम-सोहना हाईवे स्थित सुभाष चौक, सनसिटी, राजीव चौक, सेक्टर 31, शीतला माता रोड, एमडीआई चौक, सेक्टर-5, नरसिंहपुर, सेक्टर 66-67, अपैरल हाउस के पास, मेदांता रोड, मेफील्ड गार्डन, आर्टेमिस रोड, सेक्टर-10, सुभाष चौक, बसई, हीरो होंडा चौक समेत अन्य इलाकों के अलावा पालम विहार, ओम नगर, शिवाजी नगर, शीतला माता रोड, आरडी सिटी समेत अन्य सेक्टरों व कॉलोनियों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। सुबह जलभराव के कारण स्कूली बच्चों और ऑफिस जाने में लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। रास्ते में जलभराव में कई वाहन बंद हो गए, जिससे लोग देर से कार्यालय पहुंचे।
तारों पर पेड़ गिरने से विद्युत व्यवस्था बेपटरी
अल सुबह आंधी के साथ हुई तेज बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली लेकिन कई स्थानों पर बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से शहर की विद्युत व्यवस्था बेपटरी हो गई। सुबह गुल हुई बिजली कुछ इलाकों में दोपहर बाद कुछ देर के लिए आई। हालांकि आधे शहर में देर शाम तक विद्युत व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। लोगों की शिकायत पर विद्युत विभाग के अफसरों ने आश्वासन देने के बाद फोन बंद कर लिया।
अंडरपास में जलभराव ने बढ़ाई मुसीबत
द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित बजघेड़ा अंडरपास में जलभराव होने से लोगों को 2 किमी लंबा चक्कर काटकर अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। हालांकि जलभराव की शिकायत एनएचएआई ने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करके लोगों को जानकारी दी। वहीं, धनवापुर रेलवे अंडरपास में जलभराव होने से सूरत नगर समेत दर्जनों कॉलोनियाें के लोग शहर से कट गए। वहीं, गुरुग्राम सोहना चौक पर जलभराव होने से लोगों को परेशानी हुई। दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित नर्सिंगपुर गांव के सामने हाईवे पर जलभराव हो गया। हाईवे की दोनों लेन पर तीन फीट तक पानी भर गया। इस दौरान कई वाहन इंजन में पानी घुसने से बंद पड़ गए।
एसपीआर रोड का चार मीटर हिस्सा धंसा
बारिश के बाद वाटिका चौक के पास जलभराव से एसपीआर रोड का करीब चार मीटर हिस्सा अचानक धंस गया। हालांकि इस दौरान कोई जान व माल की क्षति नहीं हुई। कंट्रोल रूम की सूचना पर जीएमडीए की टीम ने गड्ढे को मिट्टी से भरा। इसके चलते दोनों ओर के वाहनों को एक ही लेन से निकाला गया। इससे सड़क पर जाम जैसे हालात पैदा हो गए। एसपीआर रोड पहले भी दो बार धंस चुकी है।
जलभराव में बीच गड्ढे में फंसी स्कूल बस
ओल्ड गुरुग्राम से लेकर न्यू गुरुग्राम तक कई इलाकों में जलभराव के कारण हालात बिगड़ गए। शीतला माता रोड पर गहरे पानी में ट्रैक्टर और कार धंस गई, जिससे जाम लग गया। इसके अलावा बच्चों को लेने जा रही एक निजी स्कूल की बस जलभराव में फंस गई। बच्चों और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह सड़कें भी धंस गईं, जिससे हादसे की आशंका बनी रही। नगर निगम की लापरवाही पर लोगों ने नाराजगी जताई और स्थायी समाधान की मांग की।
जीएमडीए टीमों ने जलभराव से निपटने के उठाए कदम
बारिश के बाद जीएमडीए की टीमों ने कई सड़कों पर जलभराव की निकासी के इंतजार कराए। बारिश के बाद प्लास्टिक और बागवानी कचरे के कारण अधिकतर सड़कों पर जलभराव की समस्या रही। सड़क की नालियों की सफाई के लिए टीमें पहुंचीं। जीएमडीए अधिकारी ने बताया कि जलभराव की स्थिति से निपटने और पानी को निकालने के लिए कर्मचारियों और पंपिंग मशीनरी को लगाया गया। जल निकासी और सीवरेज के चल रहे कार्यों के कारण, पाइप लाइनों में प्लग लगाए गए थे, जिन्हें पानी को जल्दी से निकालने के लिए हटा दिया गया।
कहां-कितनी हुई बारिश
गुरुग्राम तहसील में 45 एमएम बारिश हुई। उपतहसील कादीपुर में 44 एमएम, उप तहसील हरसरू में 44 एमएम, तहसील वजीराबाद में 47 एमएम, उप तहसील बादशाहपुर में 17 एमएम, तहसील सोहना और फर्रुखनगर में 18 एमएम और तहसील मानेसर में 25 एमएम बारिश हुई, जबकि तहसील पटौदी में सबसे कम 5 एमएम बारिश हुई।