संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। उपमंडल के बिछोर गांव से नूंह तक चलने वाली रोडवेज बस सेवा पिछले करीब 20 दिनों से बंद पड़ी है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस सेवा बंद होने के कारण लोगों को मजबूरन महंगे प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह बस सेवा पिछले करीब तीन दशकों से क्षेत्र की लाइफलाइन बनी हुई थी। इससे पहले भी कुछ वर्षों के लिए बस बंद कर दी गई थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध और मांग के बाद विभाग ने करीब सात-आठ माह पहले इसे दोबारा शुरू किया था। अब एक बार फिर बिना किसी स्पष्ट कारण के बस सेवा बंद कर दी गई है।
बताया गया है कि बिछोर से यह बस रोजाना सुबह करीब 7 बजे गुरुग्राम के लिए रवाना होती थी। इस बस में नौकरीपेशा लोग, छात्र-छात्राएं और निजी कार्यों के लिए जाने वाले ग्रामीण नियमित रूप से सफर करते थे। बस सेवा बंद होने से इन सभी वर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। बिछोर के अलावा इंदाना, मढियाकी, सिंगार, झारोखड़ी, नई सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग इस बस सेवा पर निर्भर थे। अब बस बंद होने के चलते लोगों को या तो कई बार वाहन बदलकर यात्रा करनी पड़ रही है या फिर अधिक किराया देकर निजी साधनों से सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीण खुश्शी, हाजी दीनू, हाजी बशीर, जुम्मा, जुम्मेखां, कय्युम और शौकत सहित अन्य लोगों ने बताया कि बस सेवा बंद होने से रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर इसका सीधा आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
-
दमकल विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण रोडवेज के 15 ड्राइवर दमकल विभाग की गाड़ियों पर लगाए हुए है। जिसके कारण कई रूट पर बस सेवा प्रभावित हो रही है। हड़ताल के समाप्त होने के बाद इन रूट पर बस सेवा शुरू कर दी जाएगी।
- भरत लाल ड्यूटी इंचार्ज, परिवहन विभाग नूंह