18 जून को समाप्त हो रहा है टेंडर, अभी से व्यवस्था बिगड़ी
मानेसर नगर निगम कूड़ा टेंडर घोटाले के बाद बरती जा रही सावधानी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डोर टू डोर कचरा उठाने वाली व्यवस्था धीरे-धीरे बेपटरी होती जा रही है। कारण 18 जून को कचरा उठाने वाली कंपनी का करार खत्म हो रहा है, जिसके कारण सफाई कर्मियों ने घरों से कूड़ा उठाना बंद कर दिया है।
नगर निगम की ओर से पांच साल तक कूड़ा उठाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा गया है। जिसकी मंजूरी में देरी को देखते हुए नगर निगम के चारों जोन अस्थायी टेंडर का आवंटन किया जाएगा। नगर निगम की ओर से 19 जून, जुलाई व अगस्त तक नई व्यवस्था लागू होने में समय लगेगा। नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया की ओर से चारों जोन के संयुक्त निगमायुक्त को कूड़ा उठाने की व्यवस्था ठीक रखने के लिए तैयारी करने को कहा है। जिसके बाद घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए अलग-अलग जोन का अस्थायी टेंडर निकालने की कवायद की जानी है। यह एजेंसी घर से कूड़ा एकत्रित करने के बाद अपने नजदीक के खत्तों में रखेगी। जहां से उसे बंधवाड़ी प्लांट पर ले जाया जाएगा। अभी 18 जून तक बिमल राज आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी घरों से कूड़ा उठा रही है। एजेंसी द्वारा वाहनों के माध्यम से कूड़ा उठाकर सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट पर भेजा जाता है और यहां से फिर इसे बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर भेजा जाता है।
बॉक्स
- 250 टन कूड़ा गुरुग्राम के मानेसर क्षेत्र से निकल रहा है।
- 3000 से चार हजार टन के बीच कूड़ा निस्तारण बंधवाड़ी में हो रहा है।
- 1200 टन कूड़ा गुरुग्राम से निकल रहा है।
- 900 से एक हजार टन कूड़ा फरीदाबाद से बंधवाड़ी पहुंच रहा है।
- 10 से ज्यादा एजेंसियां गुरुग्राम में कूड़ा उठान, सफाई और निस्तारण कार्य में लगी हैं।
- 2 एजेंसी मानेसर में सफाई से जुड़े कार्य कर रही है।
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मानेसर में एजेंसी को एक्सटेंशन देने की चल रही जांच
मानेसर नगर निगम में कूड़ा उठाने वाली एजेंसी का करार फरवरी माह में पूरा हो गया था, जिसके बाद नई कंपनी को काम मिलने से पहले तीन माह तक अधिकारियों ने अपने स्तर पर एक्सटेंशन दे दिया था। जिसके बिल का भुगतान करने के लिए मुख्यालय प्रस्ताव भेजा गया था। सरकार ने इस मामले में संज्ञान लेकर दो अधिकारियों का तबादला कर दिया था।
वर्जन
घर-घर से कूड़ा उठाने को लेकर चारों जोन में अस्थायी टेंडर का आवंटन किया जाएगा। जब तक सफाई के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं होती है तब तक यह व्यवस्था काम करेगी। - महाबीर, अतिरिक्त निगमायुक्त, गुरुग्राम।