दूसरे राज्यों के लोग भी कर सकेंगे आवेदन
शिवम राजपूत
गुरुग्राम। जिले में होम स्टे का कारोबार शुरू करने के इच्छुक लोगों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश सरकार ने होम स्टे के पंजीकरण के लिए हरियाणा का मूल निवास प्रमाणपत्र यानी डोमिसाइल अनिवार्य होने की शर्त खत्म कर दी है। अब दूसरे राज्यों के लोग भी निर्धारित शर्तें पूरी करके जिले में होम स्टे शुरू करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे जिले में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
हेरिटेज एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल की ओर से बृहस्पतिवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। उन्होंने बताया कि इससे जिले के राजस्व में सालाना 500 करोड़ रुपये जुड़ेगे। इसके तहत हरियाणा होम स्टे (संशोधन) योजना, 2024 में बदलाव किया गया है। पहले पंजीकरण के लिए हरियाणा सरकार के सक्षम अधिकारी की ओर से जारी डोमिसाइल प्रमाणपत्र जरूरी था। अब इस शर्त को हटा दिया गया है। सरकार ने यह कदम केंद्र सरकार की विनियमन-मुक्ति पहल के तहत की गई सिफारिशों के अनुरूप उठाया है। इसका उद्देश्य कारोबार शुरू करने में आने वाली अनावश्यक शर्तों और कागजी कार्रवाई को कम करना है।
जिले में कॉरपोरेट कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण देश के विभिन्न राज्यों से लोग आते हैं। ऐसे में होम स्टे उनके लिए ठहरने का एक वैकल्पिक माध्यम बन सकता है। डोमिसाइल की अनिवार्यता हटने से उन लोगों को भी आवेदन करने का अवसर मिलेगा, जिनके पास जिले में संपत्ति है, लेकिन वे हरियाणा के स्थायी निवासी नहीं हैं।
इस फैसले से जिले में मकानों को होम स्टे के रूप में विकसित करने और आतिथ्य क्षेत्र में नए कारोबार शुरू करने की संभावनाएं बढ़ेगी। होम स्टे कारोबार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की ओर से युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
होम स्टे के पंजीकरण से डोमिसाइल की अनिवार्यता हटने से जिले में संपत्ति रखने वाले दूसरे राज्यों के लोगों को भी कारोबार शुरू करने का अवसर मिलेगा। गुरुग्राम जैसे औद्योगिक और व्यावसायिक जिले में इससे ठहरने की वैकल्पिक सुविधाओं के विस्तार और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
- अरुण गर्ग, डिप्टी डायरेक्टर, एचएसआईआईडीसी