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Gurugram News: रिश्वत लेने के मामले में जिला चुनाव कार्यालय के सहायक की जमानत याचिका खारिज

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अदालत से
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विस चुनाव में लगी गाड़ियों के किराये के लिए एनओसी जारी करने के नाम पर रिश्वत लेने का है आरोप


संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा विधानसभा चुनाव में ट्रांसपोर्टर की गाड़ी इस्तेमाल करने के एवज में बिल पास के लिए दो लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में जिला चुनाव में नियुक्त सहायक सौरभ की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार (एसीबी) ने पिछले साल 15 नवंबर को आरोपी को गिरफ्तार किया था। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील चौहान की अदालत ने दिया है।

ट्रांसपोर्टर ने टीम को दी शिकायत में बताया कि उनका गणेश टूर एंड ट्रेवल्स से फर्म है। उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान उपायुक्त गुरुग्राम ने उनकी गाड़ियां को सरकारी ड्यूटी के लिए अधिग्रहित की थीं। सरकारी प्रावधानों के अनुसार इन गाड़ियों का भुगतान पुलिस विभाग की ओर से उपायुक्त कार्यालय को भेजे गए बिलों के आधार पर किया जाना था। शिकायतकर्ता को बिलों को पास करवाने के लिए चुनाव कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना आवश्यक होता है।
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आरोप है कि तहसीलदार रोहित सुहाग और उनके सहायक सौरभ ने एनओसी जारी करने के लिए उनसे से साढ़े तीन लाख की रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद दो लाख रुपये में सहमत हो गए थे। टीम ने 15 नवंबर को नियुक्त चुनावी अधिकारी रोहित को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। टीम ने रोहित से पूछताछ करने के बाद सहायक सौरभ को भी गिरफ्तार कर लिया।
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बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि सौरभ को रंगे हाथों गिरफ्तार नहीं किया गया। एनओसी जारी करने का उसका अधिकार भी नहीं था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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