प्रमुख सचिव को जिला कलेक्टर और तहसीलदार की सैलरी अटैच करने के लिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला अदालत के आदेश की अनुपालना न करने पर जिला कलेक्टर की गाड़ी को अटैच कर दिया गया है। इसके साथ ही हरियाणा के प्रमुख सचिव को अदालत ने निर्देश दिया है कि अदालत के आदेश के जानबूझकर अनुपालना करने पर जिला कलेक्टर और तहसीलदार की सैलरी को अटैच कर दिया जाए। यह आदेश सिविल जज जूनियर डिविजन विशाल की अदालत ने दिया है।
अदालत की तरफ से दिए गए अशाेक विहार की एक जमीन की टूकड़े की रजिस्ट्री कराने के मामले में सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत में पेश हुए तहसीलदार जगदीश बिश्नोई ने बताया कि वह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में 188 वर्ग गज है। अदालत के तरफ से दिए आदेश में 105 वर्ग गज की सेल डीड के डिक्री करने के आदेश दिए गए थे। उन्होंने अदालत में कहा कि रजिस्ट्री तभी हो सकती है जब 188 वर्ग गज के अनुसार स्टांप शुल्क जमा कराया जाए। इस पर याचिकाकर्ता की तरफ से अदालत में कहा गया कि अदालत ने 105 वर्ग गज की डिक्री की है।
ऐसे में वह 188 वर्ग गज की स्टांप शुल्क जमा क्यों करें। सब-रजिस्ट्रार की तरफ से 105 वर्ग गज जमीन की सेल डीड करने से मना कर दिया गया है। उनका कहना है कि सरकारी दस्तावेज की आईडी में जमीन 188 वर्ग गज है। इस पर अदालत ने माना कि सब रजिस्ट्रार अदालत के आदेश की अनुपालना करने के लिए तैयार नहीं है। उनकी तरफ से आज्ञा का उल्लंघन किया जा रहा है।
उनकी तरफ से कहा गया है कि बिना आईडी में बदलाव किए सील डीड नहीं की जा सकती। इस पर अदालत ने जिला कलेक्टर की गाड़ी को अटैच करने के आदेश जारी कर दिए। इसके साथ ही प्रमुख सचिव को भी नोटिस जारी करते हुए जिला कलेक्टर और तहसीलदार की सैलरी से अटैच करने को कहा गया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी।