-गैर पंचायती भूमि पर जेसीबी चलाने व रिहायशी मकानों को नुकसान पहुंचाने का आरोप
-ग्रामीणों ने प्रशासन, पंचायत विभाग और पुलिस के साथ न्यायालय में भी दी चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल में स्थित खोरी कलां ग्राम पंचायत में सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गांव के कुछ ग्रामीणों ने महिला सरपंच और उनके पति पर गैर पंचायती भूमि पर जेसीबी मशीन चलाकर मिट्टी खुदाई करने, पेड़-पौधों को हटाने तथा रिहायशी मकानों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पंचायत विभाग और पुलिस को शिकायत देने के साथ-साथ न्यायालय में भी चुनौती दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर पंचायत द्वारा कार्रवाई की जा रही है वह पंचायत की भूमि नहीं, बल्कि आबादी क्षेत्र से लगी गैर पंचायती जमीन है, जहां लंबे समय से स्थानीय लोग रह रहे हैं। उनका आरोप है कि पंचायत चुनाव में समर्थन न देने की रंजिश के चलते उनके मकानों के आसपास खुदाई कराई जा रही है, जिससे मकानों को टूटने का खतरा पैदा हो गया है। आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई जिसकी शिकायत भी की जा चुकी है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि महिला सरपंच के पति सुरेश पंचायत के कार्यों में सीधे हस्तक्षेप करते हैं और वही पंचायत के अधिकांश कार्यों का संचालन कर रहे हैं।
वहीं सरपंच प्रतिनिधि सुरेश ने सभी आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि संबंधित भूमि पंचायत की नहीं बल्कि गांव की लावारिस पड़ी भूमि है, जहां केवल सौंदर्यीकरण और सफाई अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उस स्थान पर कचरा और रासायनिक पदार्थ डाल रहे थे, जिससे वातावरण तथा अरावली क्षेत्र प्रभावित हो रहा था। पंचायत का उद्देश्य गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाना है, किसी व्यक्ति के मकान या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना नहीं।