21 दिन बाद हुई तेज बारिश में डूबे अस्पताल, पुलिस थाने व अंडरपास, नहीं चेता प्रशासन
निगम-जीएमडीए की योजनाएं भी बारिश के पानी में डूबीं, धरे रह गए प्रशासनिक वादे
फोटो के लिए - पानी में बहते अधिकारियों के वादे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम/सोहना। मिलेनियम सिटी में बृहस्पतिवार की अल सुबह से रुक-रुक कर हुई बारिश से सदर थाना, नागरिक अस्पताल, सुभाष अंडर पास, मेदांता रोड, सेक्टर-31 का क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न हो गया। 21 दिन पहले हुई तेज बारिश के बाद भी प्रशासन नहीं चेता, जिस कारण हालत और भी खराब दिखे। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर पांच किमी लंबा जाम दिखा। जिला प्रशासन ने नरसिंहपुर के पास किराये की जमीन लेकर ड्रेन बनाकर पानी निकालने का दावा किया था, मगर बारिश के पानी से पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया।
रात से हो रही शुरू हुई तेज बारिश के चलते राजीव चौक, सुभाष चौक, सेक्टर-31, सेक्टर-40, गोल्फ कोर्स रोड और दिल्ली-जयपुर हाइवे की सर्विस लेन समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। खासकर निचले इलाकों में पानी भरने से वाहनों के पहिए पूरी तरह से थम गए और जगह-जगह गाड़ियां बंद होती नजर आईं। कई घंटों तक हुई बारिश के कारण लोग घंटों जाम में फंसे रहे। स्थिति यह रही कि सुबह दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था एक बार फिर फेल साबित होती नजर आई। वहीं, सोहना में अस्पताल मार्ग, बस स्टैंड मार्ग, पुरानी सब्जी मंडी, तिकोना पार्क, तिरपत कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में जमा हो गया, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
नालों की सफाई नहीं होने से मुख्य सड़कों पर भरा पानी,
तेज बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की एक बार फर पोल खोल दी है। शहर के कई नालों की समय पर सफाई न होने के कारण मुख्य सड़कों और प्रमुख चौराहों पर पानी भरने से परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव से न केवल वाहन चालकों को परेशानी हुई बल्कि राहगीरों को भी निकलना मुश्किल हो गया। वहीं, द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास बनीं सोसाइटियों के लोगों को जलभराव से खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सेक्टर-102 स्थित अंडरपास के पास जीएमडीए की सड़क नीची होने के कारण बारिश का पानी भर गया। वहीं, हाल ही में नवनिर्मित टनल में भी पानी भरने से वाहनों की रफ्तार थम गई और ट्रैफिक की समस्या बढ़ गई।
मानसून की बारिश से खिले किसानों के चेहरे
गुरुग्राम। मानसून की बारिश ने गुरुग्राम में किसानों को बड़ी राहत दी है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बारिश के कारण खेतों में नमी आ गई है। बारिश से पहले किसानों को बिजली कटौती और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। यह बारिश धान की फसल के लिए अच्छी मानी जा रही है। धान की फसल की बुआई के लिए काफी ज्यादा मात्रा में पानी की जरूरत होती है। मानसून की बारिश के कारण खेतों में पानी की कमी अब दूर हो गई है और तापमान में भी कमी आई है, जिससे फसलों को लाभ होगा और अच्छी पैदावार की उम्मीद है। पटौदी के रहने वाले किसान परशुराम यादव का कहना है कि बारिश ने हमारी चिंता दूर कर दी। अब हमें कुछ समय के लिए सिंचाई की जरूरत नहीं है। इस समय खेतों में धान, ज्वार, बाजरे, मक्के की फसल का मौसम चल रहा है।
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वर्षा में बिजली निगम ने शीघ्र आपूर्ति बहाल का दावा
गुरुग्राम। गुरुग्राम में हो रही लगातार वर्षा के कारण आए फॉल्ट की वजह से 220/33 केवी ट्रांसफार्मर (T/F) 2, ट्रिप हो गया। 220 केवी सबस्टेशन, सेक्टर-107, गुरुग्राम के 33 केवी सेप्टेट फीडर के ट्रिप होने से 13-33 केवी फीडरों का 20 एमवीए लोड प्रभावित हुआ। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के दिल्ली जोन के मुख्य अभियंता वीके अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर समस्या का जायजा लिया। ट्रांसफार्मर की जांच के लिए टीम को बुलाया और बिजली आपूर्ति को बहाल करवाया। ब्यूरो
नहीं पहुंचे खरीदार
सोहना। बारिश का असर बाजारों पर भी साफ नजर आया। त्योहारी सीजन होने के बावजूद दुकानों में ग्राहक नहीं पहुंचे। दुकानदार सुनील, राजू और अनिल ने बताया कि ग्राहक न होने से पूरा दिन दुकानें खाली रहीं, जिससे व्यापार प्रभावित हुआ और आर्थिक नुकसान हुआ। इस पूरे मामले पर नगरपरिषद की कार्यकारी अधिकारी (ईओ) सुमनलता का कहना है कि बरसाती पानी सामान्यत डेढ़ से दो घंटे में निकल जाता है। परिषद सफाई और जल निकासी को लेकर विशेष ध्यान दे रही है। संवाद
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अगले छह दिन यलो अलर्ट, तापमान में दो डिग्री गिरावट
गुरुग्राम। लगातार दो दिन हुई बारिश के कारण मौसम में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले छह दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया हुआ है। बारिश होने से अधिकतम तापमान 31.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ ही 2.7 डिग्री तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शहर में 66 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। पिछले दिनों की तुलना में तापमान में 2.7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। संवाद
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अधिकारी भी फील्ड पर नजर आए
नगर निगम और पुलिस की टीम ने इस दौरान हुए जलभराव की समस्या से निपटने का प्रयास किया और यातायात को सरल बनाने की कोशिश की। वहीं, इस दौरान एमसीजी की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं और जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी भी फील्ड पर नजर आए और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यों को सुनिश्चित किया। उनके नेतृत्व में टीमें और अधिक प्रभावी ढंग से काम करती दिखाई दीं। निगमायुक्त प्रदीप दहिया स्वयं पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। वे कंट्रोल रूम और फील्ड से लगातार अपडेट लेते रहे और जरूरत के अनुसार अधिकारियों व कर्मचारियों को दिशा-निर्देश भी देते रहे। वहीं, यातायात निरीक्षकों ने जोनल अधिकारियों और यातायात पुलिस कर्मचारियों की सहायता से यातायात का सफलतापूर्वक संचालन कराया।
कर्मचारियों पर दस्ताने नहीं, मशीनें तो दूर की बात
गुरुग्राम। लगातार दो दिन हुई भारी बारिश ने एक बार फिर नगर प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। शहर के विभिन्न इलाकों, सेक्टरों और सोसाइटी में जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन को टैग करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि हर साल लाखों-करोड़ों खर्च होने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। सोशल मीडिया पर सेक्टर-5 के निवासी नीरज त्यागी ने लिखा, हर साल बारिश में यही हाल होता है। सड़कें टूटी हुई हैं और जलभराव से हालात और खराब हो जाते हैं। ये काम बारिश से पहले होने चाहिए लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। ट्विटर पर जस्मिन नामक महिला ने जीएमडीए पर निशाना साधते हुए लिखा, करोड़ों खर्च कर घर लिया लेकिन कर्मचारियों के पास दस्ताने तक नहीं हैं, मशीनों की तो बात ही छोड़िए। संवाद