अभिभावकों को निजी स्कूलों के मनमर्जी से फीस बढ़ाने की सता रही चिंता
फॉर्म छह भरे बिना स्कूल नहीं बढ़ा सकते फीस, जिले में चल रहे 300 से ज्यादा निजी स्कूल
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। शिक्षा निदेशालय ने अभी तक निजी स्कूलों के लिए फाॅर्म-छह को लेकर निर्देश जारी नहीं किए हैं। फाॅर्म के लिए हर वर्ष आवेदन 31 दिसंबर तक लिए जाते थे। इस बार यह आवेदन अभी तक नहीं मांगे गए। ऐसे में अभिभावकों को निजी स्कूलों के अपनी मनमर्जी से नए सत्र में फीस बढ़ाने की चिंता सता रही है। जिले में 300 से ज्यादा निजी स्कूल चल रहे हैं। इनमें पहली से 12वीं तक के निजी स्कूल शामिल हैं।
फाॅर्म-छह में फीस का देना होता है ब्योरा
दरअसल, निजी स्कूल हर वर्ष फीस बढ़ाते हैं। फीस बढ़ाने के लिए निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग की ओर से जारी किया जाने वाले फॉर्म-छह भरना होता है। अगर कोई स्कूल फाॅर्म-छह नहीं भरता और वह नए सत्र में फीस बढ़ाता है तो उस पर विभाग कार्रवाई कर सकता है। ऐसे में हर वर्ष विभाग की ओर से फाॅर्म-छह के तहत ऑनलाइन आवेदन मांगे जाते हैं। इसमें स्कूलों को फीस बढ़ाने संबंधित ब्योरा देना होता है। साथ ही स्कूल स्टाफ से लेकर सुविधाओं व वेतन संबंधित ब्योरा भी भरना होता है।
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स्कूल आठ से 10 प्रतिशत ही बढ़ाते हैं फीस
प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि निजी स्कूल हर वर्ष आठ से दस प्रतिशत तक ही फीस बढ़ाते हैं। यह फीस मौजूदा वर्ष में महंगाई भत्ता इंडेक्स के साथ 5 प्रतिशत को जोड़कर ही बढ़ा सकते हैं। अगर कोई स्कूल फाॅर्म-छह नहीं भरता तो वह नए सत्र में फीस नहीं बढ़ा सकता, यह फार्म निजी स्कूलों में फीस बढ़ाने के लिए अनिवार्य है। फार्म-छह को लेकर आवेदन इस माह के आखिरी तक मांगे जाने की संभावना है।
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शिक्षा निदेशालय से सीधे ही प्राइवेट स्कूल संचालकों को ई मेल के माध्यम से फाॅर्म छह भरने के निर्देश दिए जाते हैं। इस वर्ष जैसे ही निदेशालय से इस बारे में निर्देश आएंगे। उनकी पालना कराई जाएगी।
- अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी