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Gurugram News: अस्पताल की छतें व दीवारें जर्जर

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लेंटर का हिस्सा टूटकर जच्चा-बच्चा केंद्र के कमरे में गिरा
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काफी समय से मरम्मत न होने से गिर रही है अस्पताल की छत

कई बार बड़ा हादसा होते हुए बचा

ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत कराने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना/पिनगवां। पिनगवां खंड के गांव शिकरावा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का भवन दस साल में ही जर्जर हो गया। अस्पताल की छतें टूट कर गिर रही हैं, जिनसे मरीज और डॉक्टरों को हर समय खतरा बना रहता है। कई बार बड़ा हादसा होते हुए बचा है। इतना ही नहीं, अस्पताल की छतों पर थोड़ी बरसात में ही पानी भरा रहता है, जिससे छतें टपकती रहती हैं। ग्रामीणों ने अस्पताल की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
गांव शिकरावा निवासी जियाउल हक, अकबर खान, मोहम्मद हारून, सरपंच मुनीश अहमद का कहना है कि उनके गांव शिकरावा में 2013 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के भवन का निर्माण कराया गया था। जिसमें 21 कमरे बनाए गए थे। उनका कहना है कि विभाग द्वारा देखरेख न करने और ठेकेदार द्वारा घटिया मैटेरियल का इस्तेमाल करने से अब अस्पताल की छतें व दीवारें जर्जर हो रही हैं। इतना ही नहीं, छत का लेंटर टूटकर जमीन और बेडों पर गिर रहा है। उनका कहना है कि अस्पताल के जच्चा बच्चा के लिए बने कमरे, डेंटल का कमरा और फार्मासिस्ट का कमरा पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सोमवार को भी लेंटर का काफी हिस्सा टूटकर जच्चा-बच्चा केंद्र के कमरे में गिर गया। गनीमत रही कि उसमें कोई महिला या डाॅक्टर मौजूद नहीं थे। नहीं तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि थोड़ी सी बरसात में ही कमरे टपकने लगते हैं, जिससे दवाईयां और अन्य सामान के खराब होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने सरकार ने अस्पताल की तुरंत मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही सरकार और प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो उनको मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
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शिकरावा अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर यावर खान ने बताया कि अस्पताल की मरम्मत के बारे में वह करीब एक साल से लोक निर्माण विभाग और उच्च अधिकारियों को पत्र लिख रहे हैं, लेकिन अभी तक मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो सका है। पिनगवां के सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) डॉक्टर गगन खटाना ने बताया कि अस्पताल के छत का लेंटर गिरने की उनको सूचना मिली तो अस्पताल का दौरा किया है। उनका मानना है कि वाकई कई कमरे काफी जर्जर हालत में हैं, जिनकी जल्द मरम्मत होनी चाहिए। डॉक्टर खटाना का कहना है कि वह अस्पताल की मरम्मत के बारे में नूंह के सिविल सर्जन से मिलकर इस मामले को उनके संज्ञान में लेकर आएंगे और जल्द ही जर्जर कमरों की मरम्मत कराई जाएगी।
फोटो 1 शिकरावा अस्पताल में छत से गिरा लेंटर, बड़ा हादसा होने से टला

फोटो 2 एसएमओ और ग्रामीण अस्पताल की छत से गिरे लेंटर को निहारते हुऐ
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