संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। उत्तर भारत में जारी शीतलहर और घने कोहरे का असर रेल यातायात पर साफ दिखाई देने लगा है। पलवल से दिल्ली, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, ओल्ड दिल्ली और कालकाजी की ओर जाने वाली अधिकांश ट्रेनें अपने निर्धारित समय से आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक की देरी से चल रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों पर हो रहा है। इसके साथ ही छात्रों पर भी असर पड़ रहा है। ट्रेन लेट होने के कारण लोगों को समय पर कार्यालय और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पलवल रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 24 ईएमयू ट्रेनों का संचालन किया जाता है। ईएमयू ट्रेनों की मदद से आसपास के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों यात्री ट्रेन से ही ऑफिस आते जाते हैं। रेलवे प्रशासन भी सुबह और शाम में अधिक ट्रेनों को संचालन करती है। नौकरीपेशा यात्रियों के लिए ट्रेन सबसे किफायती और भरोसेमंद यातायात साधन हैं। बीते कई दिनों से कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से ट्रेनों की गति सीमित रखनी पड़ रही है। इसके चलते अधिकतर ट्रेनें लेट पहुंच रही हैं।
सुबह के समय दफ्तर जाने वाले यात्रियों का कहना है कि ट्रेनें लेट होने से उन्हें ऑफिस में उपस्थिति दर्ज कराने में परेशानी हो रही है। कई लोगों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। वैकल्पिक साधन ट्रेन की अपेक्षा में महंगे है, जिससे अतिरिक्त खर्च भी बढ़ गया है। वहीं, छात्रों को भी कॉलेज पहुंचने में देर हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घने कोहरे के दौरान ट्रेनों की गति नियंत्रित की जा रही है। कोहरे में सिग्नल देखने में परेशानी होती है, ऐसे में ट्रेन संचालन में सतर्कता बरतना जरूरी है।
मैं दिल्ली में काम करती हूं और रोजाना ट्रेन से ही यात्रा करती हूं। लेकिन इन दिनों ट्रेनें लेट चलने के कारण समय पर ऑफिस नहीं पहुंच पाती, जिससे काफी परेशानी होती है।
- रिद्धि, यात्री
मैं बल्लभगढ़ में एक निजी कंपनी में काम करता हूं और रोजाना ट्रेन से सफर करता हूं। ट्रेन यात्रा सबसे किफायती होने के साथ-साथ कम समय लेती है। लेकिन लगातार ट्रेन लेट होने से समय पर ऑफिस पहुंचना मुश्किल हो गया है।
- आलोक, यात्री
मैं कालकाजी में काम करता हूं और रोजाना ट्रेन से ही आता-जाता हूं। इन दिनों ट्रेनें देर से चल रही हैं, जिससे रोजमर्रा की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
- राजेश, यात्री