फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: डीजी टीसीपी और हरेरा मिलकर माहिरा प्रोजेक्ट की करें निगरानी

विज्ञापन
विज्ञापन
महानिदेशक से वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रोजेक्ट के खरीदारों उठाई मांग
विज्ञापन



अमर उजाला ब्यूरो


गुरुग्राम। सेक्टर-68 स्थित माहिरा होम्स प्रोजेक्ट के आवंटियों ने महानिदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) के समक्ष मांग रखी है कि उनका विभाग और हरियाणा भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) संयुक्त रूप से निर्माण कार्य की निगरानी करें। अपनी निगरानी में ही प्रोजेक्ट को पूरा करवाएं। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की जरूरत है। महानिदेशक ने खरीदारों को भरोसा दिलाया है कि प्रोजेक्ट पूरा करवा कर खरीदारों के हितों की रक्षा की जाएगी।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में खरीदारों की ओर से आवंटी सचिन कुमार, ध्रुव कपूर, सुनील कुमार, तरंग अग्रवाल, संजय बहल, सौरभ कुमार मौजूद रहे। वीसी में डीजीटीसीपी टीएल सत्यप्रकाश ने कहा कि लाइसेंस जारी करने और रद्द करने का अधिकार मेरे पास है, वह कॉलोनाइजर पर निर्माण पूरा करने के लिए दबाव डाल सकते हैं। यदि बिल्डर का लाइसेंस रद्द किया जाता है तो इससे खरीदारों के ही हित प्रभावित होंगे इसलिए इस प्रोजेक्ट को पूरा करना ही हितकर होगा। आवंटियों ने बताया कि उन्हें बिल्डर को ईएमआई देनी पड़ रही है। साथ ही मकान का किराया भी देना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में मिलने वाली सब्सिडी भी उन्हें नहीं मिल पा रही है। खरीदारों ने कहा कि आवंटियों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बैठक में यह भी कहा गया कि डीटीपीसी अरुण गुप्ता ने सितंबर 2022 में आदेश देकर छह महीने में आवंटियों को कब्जा देने को कहा था, लेकिन बिल्डर ने उसका भी पालन नहीं किया। टीएल सत्यप्रकाश ने बताया कि उन्होंने बिल्डर को नोटिस जारी किया है। डीजीटीसीपी ने आश्वासन दिया कि निर्माण शुरू होगा और परियोजना जल्द ही पूरी हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन




ओएसबी एक्सप्रेसवे टावर का अधिग्रहण करे टीसीपी
ओशियन सेवन बिल्डटेक एक्सप्रेसवे टावर के खरीदारों ने इस प्रोजेक्ट के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से मांग की है कि वह इसका अधिग्रहण कर ले। इस प्रोजेक्ट में 60 फीसदी तक ही काम हो पाया है जबकि कुछ खरीदार 90 फीसदी तक पैसा बिल्डर को दे चुके हैं। पिछले दो साल से इस प्रोजेक्ट का काम रुका हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें