संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बृहस्पतिवार को देवोत्थान एकादशी के मौके पर शहर में शादियों का जश्न रहेगा। पूजन, भजन कीर्तन और दीप जलाए जाएंगे। इसके साथ ही शुभ कार्यों पर लगा ब्रेक अब खत्म हो जाएगा। देवोत्थान के अवसर पर पहले ही दिन साइबर सिटी में 500 से ज्यादा शादियां हैं।
शहर के सभी बैंक्वेट हॉल, शादियों और उत्सव के लिए बने लॉन, होटल, सेक्टरों के सामुदायिक भवन, साेसाइटियों के क्लब, लॉन से लेकर तमाम ऐसी जगहें जहां विवाह के आयोजन होते हैं, पहले से ही बुक हैं। देवोत्थान एकादशी का शुभ दिन एक अबूझ साया माना जाता है। शाम के बाद शादियों के वेन्यू के आसपास सड़कें जाम मिल सकती हैं। पंडितों के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं। इसके पहले आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। आषाढ़ शुक्ल एकादशी के चार महीने बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी से शादी ब्याह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य शुरू होते हैं। इस साल देवशयनी एकादशी 29 जून को थी। इस साल सावन में पुरुषोत्तम मास होने के कारण सावन का महीना दो महीने तक चला। 29 जून से बंद हुए शुभ कार्य पांच महीने बाद 23 नवंबर से शुरू होंगे। कर्मकांडी पंडित हरिहर मिश्र ने बताया कि नवंबर और दिसंबर में शुभ कार्य की तिथियां कम हैं, इसलिए एक-एक दिन में ज्यादा संख्या में शादी जैसे शुभ कार्य हो रहे हैं। देवोत्थान एकादशी यानी 23 नवंबर के बाद 28, 29 और 30 नवंबर को शुभ दिन है। जनवरी में शादियों के मुहुर्त नहीं हैं।
गुरुग्राम में करीब 150 बड़े शादियों के लॉन और बैक्ववेट हॉल वाले वेन्यू हैं। इसके अलावा सेक्टरों के सामुदायिक भवन, सोसायटियों के क्लब, होटलों के बैंक्वेट हॉल, निजी हॉल आदि शादियों के लिए बुक हैं। बृहस्पतिवार को इन सभी में शादियां हैं। गुरुग्राम और दिल्ली बार्डर पर शादी के वेन्यू के संचालक विनोद सैनी ने बताया कि इस बार देवोत्थान एकादशी देर से आने के कारण ज्यादा आपाधापी है। विनोद बताते हैं कि एक वेन्यू को सजावट के साथ पांच लाख से 50 लाख रुपये तक में बुक किया गया है। चार-पांच महीने पहले बुकिंग की गई है। शादियों में इवेंट मैनेजमेंट सिस्टम ने काफी संख्या में लोगाें को रोजगार दिया है और उत्सवों के लिए काम करने वाले लोगों को व्यवसाय भी दिया है। जयमाल, दुल्हे, दुल्हन की एंट्री पर कई नए प्रयोग हैं। इस बार हॉल की सीलिंग पर कायनेटिक मोटर आधारित लाइटिंग फिट की गई है। इससे 20 फीट नीचे तक की लाइटिंग के रंग को संगीत के साथ सामंजस्य बिठाते हुए बदला जा सकता है।
इन जगहों पर जाने से बचें
बृहस्पतिवार को उन इलाकों में जहां विवाह के लॉन ज्यादा हैं वहां जाम की आशंका है। अतुल कटारिया चौक से लेकर ओल्ड दिल्ली रोड में डूंडाहेड़ा तक कई विवाह स्थाल हैं। शाम के बाद इन जगहों पर जाम हो सकता है। सेक्टर चार-पांच चौराहे पर फूल मार्केट के पास गाड़ियों की सजावट के लिए, शीतला माता मंदिर रोड, सोहना रोड पर सुभाष चौक से बादशाहपुर रोड तक, दिल्ली गुरुग्राम हाइवे पर गुरुग्राम दिल्ली बाॅर्डर और दिल्ली के पास कई शादियों के बड़े वेन्यू हैं। द्वारका एक्सप्रेस से द्वारका की ओर जाने वाली सड़क पर कई फार्म हाउस और शादियों के वेन्यू हैं, इन रास्तों पर जाने से पहले ट्रैफिक की स्थिति का पता कर लें।