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Gurugram News: अंधेरे में टाॅर्च के सहारे परिक्रमा लगा रहे श्रद्धालु

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यूपी बॉर्डर से बिछोर गांव तक के रास्ते में अंधेरे में परिक्रमा देते श्रद्वालू।
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-बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग में नहीं की गई है प्रकाश की व्यवस्था
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-उत्तर प्रदेश सीमा से लेकर बिछोर गांव तक पसरा हुआ है अंधेरा
-गहरे गड्ढे व जहरीले जीव-जंतुओं का भय ले रहा सब्र का इम्तिहान
गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। जिले के बिछोर गांव से होकर निकल रही बृज चौरासी कोस परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं को उत्तरप्रदेश सीमा से लेकर बिछोर गांव तक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश सीमा से लेकर बिछोर गांव तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे रास्ते पर पूरी तरह अंधेरा पसरा हुआ है। यह रास्ता जंगल क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिससे रात के समय श्रद्धालुओं में भय का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु मोबाइल की टॉ र्च के सहारे रास्ता पार करने को मजबूर हैं।
परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं का कहना है कि दिनभर की यात्रा के बाद बड़ी संख्या में लोग देर रात भी इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन यहां प्रकाश की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। अंधेरे के कारण रास्ते में पड़े गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ मार्ग दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं जंगल क्षेत्र होने के कारण कीड़े-मकोड़ों व जहरीले जीव-जंतुओं का भी डर सताता रहता है। पर्याप्त रोशनी नहीं होने के चलते छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं। कई श्रद्धालु समूह बनाकर मोबाइल की टॉर्च जलाकर आगे बढ़ रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
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अस्थाई हाई मास्ट लाइट लगवाने की मांग :
स्थानीय लोगों का कहना है कि बृज चौरासी कोस परिक्रमा में हर वर्ष हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। प्रशासन द्वारा जगह-जगह पानी, चिकित्सा और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं की हुई है, लेकिन इस महत्वपूर्ण मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश सीमा से बिछोर गांव तक अस्थायी हाईमास्ट लाइटों से प्रकाश की व्यवस्था कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन मिल सके।
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बोले श्रद्धालु :
परिक्रमा में आए श्रद्धालु केशव, कालीचरण, ममता देवी, ज्योती कुमारी, गीता, शीला, रामस्वरूप आदि का कहना है कि धार्मिक यात्रा में सुविधा और सुरक्षा दोनों बेहद जरूरी हैं। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से जल्द व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। वहीं इस संबंध में पुन्हाना एसडीएम अमित कुमार से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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