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Gurugram News: फाइल पास न होने से विकास कार्य ठप, लोग परेशान

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नूंह शहर की तमाम सड़कें खुदी हुईं, पर्याप्त सफाई व सुविधाएं नहीं
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शेरसिंह डागर
नूंह। सरकार भले ही आए दिन शहरों के विकास का दावा कर अधिकारियों को काम कराने का पाठ पढ़ाती हो, लेकिन नूंह जिले में अधिकारियों के सामने सरकार का यह दावा बौना साबित हो रहा है। शहर में कोई विकास कार्य पिछले एक साल से नहीं होने के कारण जनता परेशान है, तो काम न कराने की सूरत में नगर पालिका व नगर परिषद के पार्षद व चेयरमैन लोगों से मुंह छुपा रहे हैं। पार्षदों व चेयरमैन का सीधा आरोप है कि एडीसी विकास कार्यों की फाइल को पास नहीं कर रही हैं, जिसके कारण शहर के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि बार-बार आग्रह करने पर एडीसी से उन्हें केवल आश्वासन मिलता है। ऐसे दर्जनों विकास कार्यों की फाइल है, जो एडीसी से मंजूरी न मिलने के कारण अटकी हुई है। आरोप है कि अफसरशाही बेलगाम हो चली है, जिसके कारण सरकार की किरकिरी होने में कोई कमी बाकी नहीं रह रही है। यही कारण है कि विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार नपा चुनाव होने के करीब एक साल बाद भी यहां विकास की ईंट नहीं लगा पाई है। ऐसे में परेशान लोग जमकर अफसरों व सरकार को कोस रहे हैं।

बता दें कि नूंह को नगर परिषद का दर्जा मिल गया है। नूंह में जेजेपी का चेयरमैन व फिरोजपुर झिरका व पुन्हाना में बीजेपी चेयरमैन बन गए। लोगों का आरोप है कि नपा कार्यकारी अभियंता, ईओ व सचिव कई-कई दिन तक कार्यालय में आते नहीं हैं। ये बाहर के होने के कारण हर समय अपना तबादला वापिस कराने के चक्कर में रहते हैं। अगर इनसे कुछ कहा जाता है तो इनका सीधा एक ही जवाब होता है कि यहां से आगे सरकार कहां भेजेगी। आमजन ही नहीं, चेयरमैन व पार्षद भी इनके रवैये परेशान हैं। पिछले कई साल से डाली जा रही सीवरेज लाइन का काम पूरा नहीं हो रहा है। पूरे शहर की सड़कें खुदी हुई हैं। राहगीर, दुकानदार काफी परेशान हैं।
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शहर के जमील, अशोक कुमार, आसिफ अली, अख्तर हुसैन का कहना है कि नूंह शहर में लोग नारकीय जीवन जी रहे हैं। सीवरेज चालू नहीं, नियमित सफाई होती नहीं, घूमने फिरने के लिए कोई पार्क नहीं, अतिक्रमण व गंदगी का बुरा हाल। नपा कार्यालय के छोटे-बड़े कार्यों के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। अधिकारी मिलते नहीं, छोटे कर्मचारी काम करते नहीं। यह हाल तब है, जब डीसी इसी शहर में रहता है।
पिछले करीब एक साल से कोई खास कार्य शहर में नहीं हुआ है। जनता परेशान है। सड़के खुदी हुई हैं। एडीसी आफिस से विकास कार्यों की फाइलों को निकलती नहीं। लोगों का कहना बिल्कुल ठीक है दिक्कत हो रही है। अब देखते हैं नगर परिषद की वित्त कमेटी क्या क्या कार्य कर पाएगी।

संजय मनोचा, चेयरमैन नूंह नगर परिषद।

यह कड़वा सच है, नगरपालिका की बैठक में जो विकास कार्य मंजूर किए जाते हैं, वह एडीसी कार्यालय में आकर रुक जाते हैं। हम काफी परेशान हैं। अब इस समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री से भी मिला जाएगा। क्योंकि जब हम विकास कार्य नहीं करा पाएंगे तो इससे सरकार की छवि खराब होगी और आने वाले चुनाव में पार्टी को नुकसान होगा। -मनीष जैन, नपा चेयरमैन फिरोजपुर झिरका।
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जो सड़कें खुदी हुई हैं, उनमें पाइप लाइन डाली जा रही है, जो पिछले दो साल से काम चल रहा है। जिसके कारण वह दुरुस्त नहीं की जा रही हैं। उनके स्तर पर फाइलों को नहीं रोका जाता। अब सरकार ने नगर पालिका व नगर परिषदों को अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र करते हुए वित्तीय कमेटी गठित की है, ये कमेटी एक करोड़ तक के विकास कार्य अपने स्तर पर करा सकती है। कमेटी विकास कराए। -रेनु सोगन, एडीसी नूंह।
फोटो- ऐसी है शहर की सडक़ें।
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